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Thursday, 29 March 2012

चयन प्रक्रिया संशोधित करने की गुहार

चयन प्रक्रिया संशोधित करने की गुहार
लखनऊ, 28 मार्च (संसू): बीते काफी समय से प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों की भर्ती एकेडमिक मेरिट सूची के आधार पर हो रही थी, इसी प्रक्रिया को बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेश विशिष्ट बीटीसी संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को विधान भवन के सामने धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्राथमिक शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को संशोधित करने की मांग की। प्रदेशभर से जुटे विशिष्टबीटीसी संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने नारेबाजी की और प्रदेश सरकार से गुहार की कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मेरिट के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगाई जाए क्योंकि विज्ञापन के अनुसार यह परीक्षा पास करना प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए जरूरी था, इस आधार पर चयन नहीं होना था।परीक्षा के चार दिन पहले प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके टीईटी को पात्रता परीक्षानहीं, चयन प्रक्रिया का आधार बना दिया। आखिर यह संशोधन आनन फानन क्यों किया गया? इस प्रकार से टीईटी मेरिट के आधार पर अध्यापकों का चयन किया जाना गलत है और आवेदकों केसाथ धोखा। राज्य सरकार दे सकती है भारांक : धरना दे रहे युवकों ने एनसीटीई के सचिव विक्रम सहाय की तरफ से 11 फरवरी 2011 को जारी निर्देश का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार चाहे तो शिक्षक पात्रता परीक्षा के अंकों का भारांक दे सकती है, किंतु शिक्षक पात्रता परीक्षा को शिक्षक चयन प्रक्रिया का आधार नहीं बनाएगी। युवकों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वे पूर्व कीतरह ही एकेडमिक मेरिट के आधार पर ही प्राथमिक स्तर शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया बहाल करे। टीईटी को केवल पात्रता परीक्षा ही बनाए रखा जाए नकि चयन परीक्षा।

Source- Jagran
29-3-2012

भर्ती एकेडेमिक पर करना सही है या गलत -
१- क्या हाईस्कूल और इंटर के एक्साम देने से पहले ये बताया जाता है कि इसके मार्क्स से ही जॉब दी जाएगी ?
२- क्या एकेडेमिक में अंको का आंकलन सही हो पाता है? 
३- पिछले आठ सालो से रिजल्ट का प्रतिसत बहुत बड़ चुका है
४- किसी भी बोर्ड में समानता नही है   
५- क्या किसी छात्र के भूतकाल से ही उसका भविष्य तय किया जायेगा ? 


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