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Tuesday, 1 May 2012

यदि टीईटी निरस्त नहीं होती है तो बीच में चयन का आधार बदलना कानूनी तौर पर असंभव है 
और यदि सरकार कहती है कि टीईटी परीक्षा में धांधली कि बजह से चयन का आधार बदला जायेगा  तो क्या चयन का आधार बदलने से ये कहा जा सकता है कि धांधली नही हुई है इसका निष्कर्ष यही होगा कि जाँच कराकर दोषियों को सजा दी जाये और चयन प्रक्रिया को पूर्व विज्ञापन के आधार पर ही पूरा किया जाये 

BY- PRABHAT DIXIT 


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