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Saturday, 13 October 2012

बीटीसी अभ्यर्थियों के मामले में सुनवाई शुरू

बीटीसी अभ्यर्थियों के मामले में सुनवाई शुरू

  
जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद
हाइकोर्ट ने बीटीसी वर्ष 2004 और विशिष्ट बीटीसी 2007 व 2008 के अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल विशेष अपील की सुनवाई शुरू कर दी है। सुनवाई सोमवार को भी जारी रहेगी। अपील में एकल न्यायपीठ के 11 नवंबर 2011 के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई है। एकल पीठ ने बीटीसी प्रशिक्षुओं को टीईटी की अर्हता से मुक्त रखने की मांग को अस्वीकार कर दिया है।
विशेष अपील की सुनवाई न्यायमूर्ति अशोक भूषण तथा न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय की खंडपीठ ने की। अपील प्रभाकर व अन्य ने दाखिल की है। अपीलार्थी का कहना है कि टीईटी भी पात्रता परीक्षा है और वे पहले से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जो कि सहायक अध्यापक नियुक्त होने के लिए अर्ह हैं। ऐसे में उन्हें टीईटी अर्हता से मुक्त रखा जाना चाहिए। एकल पीठ ने याचिका को अस्वीकार करके कानूनी गलती की है।

Source - Jagran
12-10-2012

26 comments:

  1. BTC : बीटीसी के बाद खत्म हुई नौकरी की 'गारंटी'
    BTC : बीटीसी के बाद खत्म हुई नौकरी की 'गारंटी'
    सहारनपुर : दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्राथमिक शिक्षक की नौकरी की गारंटी अब खत्म हो चुकी है। टीईटी(शिक्षक पात्रता परीक्षा)लागू होने के बाद मामले में फंसे पेंच ने नौकरी की राह में काटे बिछा दिए हैं। बीटीसी प्रशिक्षण के बाद अब टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा ।
    उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेशदत्त शर्मा व मंडलीय मंत्री मुकेश शर्मा बताते है कि 1980 तक बीटीसी कर चुके अभ्यर्थियों को वर्ष 1992 के बाद रिक्त हुए प्राइमरी शिक्षकों के पद पर नियुक्ति मिली थी। शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने व नए स्कूल खुलने के कारण अधिक शिक्षकों कीआवश्यकता हुई और बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने वालों को तत्काल निश्चित नौकरी मिलती चली गई। जो नौकरी की गारंटी भी साबित हुई। कई बार विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से बीएड डिग्रीधारकों को प्राइमरी शिक्षकों की नौकरी मिली।
    टीईटी से अरमानों पर पानी
    प्रदेश में वर्ष-2011 से टीईटी लागू हो चुकी है। प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए बीटीसी के बाद टीईटी पास करना जरूरी होगा। केवल बीटीसी करने से अब नहीं चलेगा। वर्ष-2011 में हुई टीईटी परीक्षा के बाद अभी तक स्कूलों में शिक्षकों कीनियुक्ति नही हो सकी है। पूरा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। दूसरी ओर केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष-2014 तक बीएड डिग्रीधारकों को टीईटी परीक्षामें शामिल करने की अनुमति प्रदेश सरकार को दी जा चुकी है ।
    बीटीसी प्रशिक्षण का खुला पिटारा
    इन दिनों दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण के लिए आनलाइन आवेदन पत्र मांगे गए है। शैक्षिक अर्हता, आयु, आवेदन शुल्क सहित पूरा विवरण वेबसाइट 'एचटीटीपी://टीई-उत्तरप्रदेश डाट यूपी डाट एनआईसी डाट इन' पर है। वेबसाइट पर आनलाइन पंजीकरण फार्म, ई-चालान एवं आनलाइन आवेदन पत्र उपलब्ध हैं

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  2. 20 tak wait karte hai phir dusre naukari ki taiyari karenge jo dusre prant me ho

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  3. Mera comment kyo gayab ho raha hai editor jee

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  4. Editor sab yah to galat hai

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  5. Good night doston

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  6. Jo gali dega wo dogla

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  7. thought of the day--


    haramipana ke is daur mein veg thought ki asha na kare

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  8. Gen art male tet 121 gunank 58. Kya ummeed hai piyush bhai

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  9. Gen male art tet 121 gunank 58.piyush bhai kya ummeed hai

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  10. Jai hind jai bharat

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  11. Ab tou jo bande jis kam mein hai vanhi lage rehe teacher banne ka khwab chorh de...mene tou chordh diya hai....maa ki ch**t vacincy ki...or kanhi try karunga...gov job k liye.....Jann hai tou jahan hai...tum bhi bhul jao meri tarah...

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  12. Sunny jab hamara kuch nahi hai tou tumhara bhi koi chance nahi hai...Gunak 62.32acd245 n tet113...maa chud gayi sabhi tet pass 2011 walo ki...ismein mein hi chaye kyon na hu...

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  13. NITIN SINGH.

    haar na mano mastari ki maa ki chut .

    milegi madarchod .sabki mari fir mastari kya hai.

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  14. good morning.. Frends

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  15. , महराजगंज:
    विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों ने स्टाइपेंड की मांग को लेकर शुक्रवार को डायट कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि छह माह का दो सौ से ज्यादा शिक्षकों का स्टाइपेंड लगभग तीस लाख रूपए बकाया है पर डायट उसका भुगतान नहीं कर रहा है। इस पर शिक्षकों को बताया गया कि स्टाइपेंड अभी शासन से नहीं आया है। जैसे ही आ जाएगा शिक्षकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
    दोपहर लगभग 2.30 बजे दर्जनों की संख्या में शिक्षक कार्यालय पर एकत्र हुए और अपने बकाया 15-15 हजार रूपए स्टाइपेंड की मांग की। दुर्गा शंकर द्विवेदी, दिवाकर ध्वज सिंह, टीएन दुबे, डिम्पल रानी ने बताया कि दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्यालय बकाया भुगतान नहीं कर रहा है। बकाया भुगतान के लिए कई बार शिक्षक डायट कार्यालय का चक्कर काटने को बाध्य हो रहें हैं। अगर एक माहके अंदर बकाया भुगतान नहीं हुआ तो शिक्षक आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। बाद में वहां मौजूद जिम्मेदारों ने बताया कि शासन से पैसा आते ही बकाया भुगतान किया जाएगा। जिसपर शिक्षक शांत हुए।
    इस मौके पर पवन पाण्डेय, मुकेशमणि त्रिपाठी, राजेश शाही, विवेक पाण्डेय, शिव कुमार, धनंजय, रणंजय, दीपक सिंह, विरेंद्र नायक, रामकृपाल, दुगेश शाही, प्रदीप सिंह, मनीषकुमार पाण्डेय, सौरभ तिवारी, रश्मि सिंह, नीतू, सावित्री, पूनम, संगीता, प्रजा, मीनू चौधरी, मंजू आदि शिक्षक मौजूद थे।
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  16. महराजगंज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर एसोसिएशन ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयपर धरना दिया। इस दौरान धरनारत शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।
    धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष जयश्री प्रसाद ने कहा कि अर्ह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शिक्षक पदों पर पदोन्नति की जाय। राजकीय कर्मचारियों की भांति अवकाश नकदीकरण, समयमान वेतनमान दस वर्ष, सोलह वर्ष, चौबीस वर्ष किया जाय, एक जनवरी 06 के पूर्व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों कोन्यूनतम पेंशन रूपया 3500, समूह घ के कर्मचारियों को प्रथम एसीपी 1900 के स्थान पर ग्रेड वेतन 2400 किया जाय। इसके अलावा पद से पद की समानताप्रदान की जाय। वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मानदेय दिया जाय। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंध समिति में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाय।
    शिक्षकों ने कहा कि यदि उनकी मांगे शीघ्र नहीं मानी गई तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
    इस अवसर पर शिवानंद मिश्र, जशवंत वर्मा, गोविंद, राजेंद्र कुमार यादव, चंद्रिका सिंह, जयराम सिंह, सत्य प्रकाश, प्रमोद प्रकाश, विजय कुमार, शम्भू, अजय, इंदल सिंह, विनय कुमार आदि बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
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  17. महराजगंज: जनपद के विभिन्न इंटर कालेजों में एडूकांप साल्यूशन लिमिटेड द्वारा नियुक्ति कंप्यूटर प्रशिक्षक पिछले सात माह से वेतन के लिए भटक रहे हैं। लेकिन उन्हें वेतन मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे है। इस मुद्दे को लेकर आज करीब दर्जनभर से अधिक शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौपें।
    ज्ञापन के जरिए शिक्षकों ने कहा कि वे जनपद के विभिन्न विद्यालयों में बतौर कम्प्यूटर प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं। लेकिन पिछले सात में से वेतन का भुगतान नहीं किया गया हे। इस कारण हम लोगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई हे। शिक्षकों ने कहा कि हमारी धैर्य की परीक्षा नहीं ली जाए और जल्द से जल्द बकाया वेतन काभुगतान किया जाय। वरना शिक्षक उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
    इस अवसर पर श्रद्धानंद त्रिपाठी, अभय श्रीवास्तव, विमलेश पटेल, कृष्ण मोहन चौधरी, पवन श्रीवास्तव, सुनील निगम, वशिष्ठ पांडेय, राजेश गौड, फिरोज सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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  18. महराजगंज: जनपद के विभिन्न इंटर कालेजों में एडूकांप साल्यूशन लिमिटेड द्वारा नियुक्ति कंप्यूटर प्रशिक्षक पिछले सात माह से वेतन के लिए भटक रहे हैं। लेकिन उन्हें वेतन मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे है। इस मुद्दे को लेकर आज करीब दर्जनभर से अधिक शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौपें।
    ज्ञापन के जरिए शिक्षकों ने कहा कि वे जनपद के विभिन्न विद्यालयों में बतौर कम्प्यूटर प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं। लेकिन पिछले सात में से वेतन का भुगतान नहीं किया गया हे। इस कारण हम लोगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई हे। शिक्षकों ने कहा कि हमारी धैर्य की परीक्षा नहीं ली जाए और जल्द से जल्द बकाया वेतन काभुगतान किया जाय। वरना शिक्षक उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
    इस अवसर पर श्रद्धानंद त्रिपाठी, अभय श्रीवास्तव, विमलेश पटेल, कृष्ण मोहन चौधरी, पवन श्रीवास्तव, सुनील निगम, वशिष्ठ पांडेय, राजेश गौड, फिरोज सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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  19. महराजगंज:
    विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक एशोसिएशन के बैनर तले सोमवार को बेसिक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपा।
    इस अवसर पर एशोसिएशन के अध्यक्ष अभय कुमार दूबे ने कहा कि विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षकों की विभिन्न समस्याएं काफी समय से विलंबित है। इस संबंध में कई बार प्रशासन को पत्र लिख कर अवगत कराया गया उसके बावजूद भी निराकरण नही किया गया।
    विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षकों नेज्ञापन के माध्यम से गृह जनपद से दूर अन्य जनपदों में नियुक्त शिक्षकों का अपने मूल जनपद में रिक्त पदों के सापेक्ष स्थानान्तरण किया जाए तथा जिलों का प्रतिबन्ध हटाकर पुरूषों को भी अन्तर जनपदीय स्थानान्तरण सूची में स्थान दिया जाए। पदोन्नति प्राप्त प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक का न्यूनतम वेतन 17140निर्धारित किया जाए। परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर पदोन्नति अनुभव रखने वाले शिक्षक उपलब्ध नही है। इस संबंध में आदेश जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजा जाए। मार्च 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कर जी.पी.एफ. की कटौती अविलंब किया जाए। विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षकों ने मुख्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंप कर उक्त समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग किया है।
    इस अवसर पर एसोसिएशन के मंत्री गोपाल पासवान, वाचस्पति मिश्र, सूर्य प्रकाश पाण्डेय, आनन्द सिंह यादव, सुधीर यादव, उमेश चौबे, नागेंद्र पाल, मंजू सिंह, साराव आलम, वसुराज सिंह, राना प्रसाद पाण्डेय,महेश दुबे, श्वेता, किरन पाण्डेय, दिवाकर सिंह, डिम्पल रानी, वसीम अहमद, राहुल यादव सहित अन्य विशिष्ट बी.टी.सी. शिक्षक उपस्थित रहे।
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  20. Jitentra ji sory for waiting u, J.D OFFICE Munci prem chandra park (betiahata) ke pichhe h.

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  21. bhai etne se ye to pta chalta hai ki ham logo ki bharti ke liye sarkar kuchh kar rhi hai ram govind ke kahne se to lagta hai ki ham logo ki bharti prkriya chal rhi hai ek chhota hi shi lekin hai good news thaks

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