UPTET - टीईटी - TET
जागरण ब्यूरो, पटना : राज्य सरकार ने उन सभी अंगीभूत कालेजों में बीएड की पढ़ाई प्रारंभ कराने का फैसला लिया है, जहां इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध हैं। शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संजीवन सिन्हा ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि जिन कालेजों में संसाधनों की जरूरत पड़ेगी, उन कालेजों को पर्याप्त धनराशि मुहैया करायी जाएगी। इससे पहले सभी 250 अंगीभूत कालेजों में स्थायी रूप से शिक्षा संकाय के अफसर को तैनात किये जांएगे। ऐसे अफसर कालेजों में शिक्षा संकाय की स्थापना एवं मानीटरिंग करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित चार घंटे की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। विमर्श में सर्वाधिक जोर कालेजों में आधारभूत संरचना निर्माण पर रहा। इसमें भवन, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, प्रयोगशाला एवं शैक्षणिक कैलेंडर आदि की चर्चा हुई। पटना यूनिवर्सिटी, ललित नारायण मिश्र मिथिला विश्वविद्यालय और कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय (दरभंगा) के कुलसचिवों और करीब 80 प्राचार्यो ने बैठक में हिस्सा लिया। इस मौके पर प्राचार्यो ने कालेजों में व्याप्त कमियों एवं शैक्षणिक समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उछला।
बैठक के अंत में विशेष सचिव संजीवन सिन्हा ने कहा कि विश्वविद्यालय मुख्यालयों में संचालित शिक्षा संकाय को अब अंगीभूत कालेजों में कुशलतापूर्वक लागू करने की जरूरत है। इससे प्रशिक्षित शिक्षकों को तैयार करने में मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा निदेशक डा. सीताराम सिंह ने प्राचार्यो को निर्देश दिया कि प्रत्येक कालेज बीएसएनएल से 'ब्राडबैंड' कनेक्शन लेकर अपना 'वेबसाइट' खोल दें ताकि विभागीय सूचनाएं अगले माह से 'ई-मेल' के माध्यम से भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि जिस कालेज के पास अपना 'वेबसाइट' नहीं होगा, उसे आने वाले दिनों में कई मुश्किलों से सामना करना पड़ेगा।
Source - Jagran
19-9-2012
कालेजों में तैनात होंगे शिक्षा संकाय के अफसर
जागरण ब्यूरो, पटना : राज्य सरकार ने उन सभी अंगीभूत कालेजों में बीएड की पढ़ाई प्रारंभ कराने का फैसला लिया है, जहां इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध हैं। शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संजीवन सिन्हा ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि जिन कालेजों में संसाधनों की जरूरत पड़ेगी, उन कालेजों को पर्याप्त धनराशि मुहैया करायी जाएगी। इससे पहले सभी 250 अंगीभूत कालेजों में स्थायी रूप से शिक्षा संकाय के अफसर को तैनात किये जांएगे। ऐसे अफसर कालेजों में शिक्षा संकाय की स्थापना एवं मानीटरिंग करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित चार घंटे की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। विमर्श में सर्वाधिक जोर कालेजों में आधारभूत संरचना निर्माण पर रहा। इसमें भवन, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, प्रयोगशाला एवं शैक्षणिक कैलेंडर आदि की चर्चा हुई। पटना यूनिवर्सिटी, ललित नारायण मिश्र मिथिला विश्वविद्यालय और कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय (दरभंगा) के कुलसचिवों और करीब 80 प्राचार्यो ने बैठक में हिस्सा लिया। इस मौके पर प्राचार्यो ने कालेजों में व्याप्त कमियों एवं शैक्षणिक समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उछला।
बैठक के अंत में विशेष सचिव संजीवन सिन्हा ने कहा कि विश्वविद्यालय मुख्यालयों में संचालित शिक्षा संकाय को अब अंगीभूत कालेजों में कुशलतापूर्वक लागू करने की जरूरत है। इससे प्रशिक्षित शिक्षकों को तैयार करने में मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा निदेशक डा. सीताराम सिंह ने प्राचार्यो को निर्देश दिया कि प्रत्येक कालेज बीएसएनएल से 'ब्राडबैंड' कनेक्शन लेकर अपना 'वेबसाइट' खोल दें ताकि विभागीय सूचनाएं अगले माह से 'ई-मेल' के माध्यम से भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि जिस कालेज के पास अपना 'वेबसाइट' नहीं होगा, उसे आने वाले दिनों में कई मुश्किलों से सामना करना पड़ेगा।
Source - Jagran
19-9-2012