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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षक भर्ती की तैयारी शुरू ***चुनावी गणित में भावी शिक्षकों पर भी डोरे *** :----

Tuesday, 21 August 2012

UPTET- टीईटी परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रही सरकार

टीईटी परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रही सरकार


टीईटी परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रही सरकार
देवरिया:
टीईटी परीक्षा पर धांधली का आरोप लगाकर सरकार अभ्यर्थियों के साथ छल कर रही है। रमाबाईनगर की पुलिस रिपोर्ट और एनसीटीई की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो चुका है कि परीक्षा पूरी तरह से बेदाग है।
उक्त बातें भालेंदु तिवारी ने कही। वह रविवार को टाउनहाल में टीईटी संघर्ष मोर्चा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। अनुराग मल्ल ने कहा कि कैबिनेट के 23 जुलाई के फैसले को चुनौती देते हुए दाखिल रिट संख्या-39664 व 39674 की सुनवाई 14 अगस्त को न्यायाधीश बीके शुक्ला के कोर्ट में हुई, जिसमें सरकार की काफी किरकिरी हुई।
रत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ में टीईटी की मांग करने वाले सभी जिलाध्यक्षों की बैठक हो रही है, जिसमें भाग लेने प्रदेश संरक्षक गोरखनाथ सिंह व जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश कुशवाहा गए हुए हैं। बैठक की अध्यक्षता अमरदेव सिंह व संचालन मनोज कुमार यादव ने किया।
इस अवसर पर हरेंद्र पुरी, पुंडरीकाक्ष शर्मा, सतीश मिश्र, गौरीशंकर पाठक, श्रीप्रकाश भारती, राजेश मणि त्रिपाठी, विकास पांडेय आदि मौजूद रहे।

Source- Jagran
19-8-2012

Monday, 20 August 2012

UPTET- मेरिट के आधार पर किया जाए चयन

मेरिट के आधार पर किया जाए चयन





फतेहपुर। सूबे में टीचरों की चयन प्रक्रिया को लेकर 27 अगस्त तक हाईकोर्ट से आने वाले फैसले का टीईटी अभ्यर्थियों को बेसब्री से इंतजार है। न्यायालय से मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया बहाल होने को लेकर टीईटी अभ्यर्थियाें ने रविवार को नहर कालोनी में बैठक आयोजित की। इसमें टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा ने मेरिट के आधार पर चयन की मांग दोहराई।
बैठक की अध्यक्षता टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी और संचालन उपाध्यक्ष अनिल निषाद ने किया। राजेंद्र चौधरी ने कहा टीचर भर्ती प्रक्रिया टीईटी की मेरिट के आधार पर होनी चाहिए, अन्यथा अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। गौरतलब है सूबे में टीचरों की चयन प्रक्रिया को लेकर सरकार ने शैक्षिक योग्यता को आधार बनाया है और टीईटी को केवल अर्हता माना है। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी विचाराधीन है। इसका फैसला 27 अगस्त को आने की पूरी उम्मीद है। सरकार और न्यायालय के निर्णय को लेकर टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी पशोपेश में हैं। उपाध्यक्ष अनिल निषाद ने सरकार के निर्णय की निंदा करते हुए कहा प्रदेश सरकार ने जो नया नियम बनाया है उससे पुराने छात्रों की उम्मीदें धूमिल हो जाएंगी। बैठक में मुख्य रूप से योगेश दीक्षित, राकेश सिंह, राजेश सैनी, शिवशंकर गुप्त, रामू कटियार, राजकुमार, पुनीत गुप्त और शिवभोला पाल आदि उपस्थित रहे। 

Source- Jagran
20-8-2012

PANJAB TET- टीईटी यूनियन की शिक्षा सचिव से मुलाकात

टीईटी यूनियन की शिक्षा सचिव से मुलाकात


शिक्षा संवाददाता, जालंधर
टीईटी पास बेरोजगार यूनियन पंजाब की मांगों पर यूनियन प्रतिनिधियों के साथ स्कूल शिक्षा सचिव ने मीटिंग कर विचार किया। इसमें सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि 3442 अध्यापकों की भर्ती का काम अंतिम पड़ाव पर है। रिजल्ट आगामी सप्ताह के अंत तक घोषित कर दिया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान अधीन 1273 उम्मीदवारों का विज्ञापन दिया गया था। उसमें से जिन उम्मीदवारों का परिणाम पहले ही घोषित कर दिया गया है, को नियुक्ति पत्र जारी करने के बारे में अश्वासन दिया गया। इसी तरह 5178 अध्यापकों की नई भर्ती संबंधित मेमोरंडम कैबिनेट की मीटिंग में पेश करने का वादा भी किया। मीटिंग में यूनियन के प्रदेश सचिव रघुवीर सिंह भवानीगढ़ ने अश्वासन दिया कि कैबिनेट से पहले किसी तरह का धरना या फिर रोष प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।

Source- Jagran
20-8-2012

UTTARAKHAND TET- टीईटी पद बढ़ाने पर 23 को स्थिति साफ

टीईटी पद बढ़ाने पर 23 को स्थिति साफ


जागरण ब्यूरो, देहरादून
टीईटी पद बढ़ाने को लेकर सरकार असमंजस में है। पद बढ़ाने की घोषणा कर चुके मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि इस मसले पर 23 अगस्त तक स्थिति साफ होगी। वहीं जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों के बारे में जिलाधिकारी और जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारी से 15 दिन में रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार स्कूलों की मरम्मत के लिए धन मुहैया कराएगी। साथ ही शिक्षण में सुधार को शिक्षकों को इन-सर्विस ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए राज्यस्तरीय अध्यापक प्रशिक्षण संस्थान गठित होगा। 28 ब्लाकों में ग‌र्ल्स हास्टल बनाए जाएंगे।
सचिवालय में शुक्रवार को शिक्षा महकमे की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शैक्षिक गुणवत्ता पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रदेश में प्राइमरी और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में निजी क्षेत्र की भागीदारी तय की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तीन जिलों के चयनित प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पीपीपी मोड में संचालित होगी। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान पीपीपी मोड में संचालित होगा। संस्थान की स्थापना के लिए स्थान का चयन जल्द किया जाएगा। शैक्षिक रूप से पिछड़े 28 ब्लाकों में प्रस्तावित ग‌र्ल्स हास्टल में 19 केंद्र सरकार की मदद से और नौ हास्टल राज्य सरकार अपने खर्च पर बनाएगी। पांच आवासीय विद्यालयों को पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा बोर्ड को सीबीएसई पैटर्न के मुताबिक अधिक मजबूत किया जाएगा। बोर्ड स्कूली शिक्षा के साथ अन्य प्रवेश परीक्षाएं भी संचालित करेगा। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से आठवीं तक एपीएल छात्रों को मुफ्त यूनिफार्म सहायताप्राप्त अशासकीय स्कूलों में भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना से तकरीबन एक लाख से ज्यादा छात्राओं को लाभ मिलेगा। इस पर करीब 30 से 40 करोड़ का खर्च आएगा।
इनसेट-
दमयंती को एनओसी की बाधा दूर
देहरादून: शिक्षा अधिकारी दमयंती रावत को कृषि महकमे में प्रतिनियुक्ति को महकमे की अनापत्ति पर अड़चन दूर हो गई है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि इस मसले का समाधान हो चुका है। इस मौके पर मौजूद कृषि मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला सर्वोच्च होता है। हालांकि, वह इस संबंध में अपने स्तर पर कदम उठा चुके हैं।

Source- Jagran
19-8-2012

BTC- बीटीसी प्रशिक्षितों को रखें टीईटी से मुक्त

बीटीसी प्रशिक्षितों को रखें टीईटी से मुक्त


ज्ञानपुर (भदोही) : बीटीसी व विशिष्ट बीटीसी 2004, 2006 व 2007 के प्रशिक्षितों ने रविवार को हरिहरनाथ मंदिर परिसर में बैठक कर टीईटी से मुक्त रखे जाने की आवाज बुलंद की। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुटे प्रशिक्षितों ने कहा कि इन सभी सत्रों के 70 से लेकर 80 फीसद तक बीटीसी प्रशिक्षितों की नियुक्ति बगैर टीईटी के जुलाई 2011 तक की जा चुकी है।
कहा कि इसी सत्र के शेष बचे प्रशिक्षितों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना कत्तई उचित नहीं है। एक ही सत्र के प्रशिक्षितों की नियुक्ति में दो अलग-अलग मापदंड अन्यायपूर्ण है। वक्ताओं ने अतिशीघ्र नियुक्ति किए जाने एवं टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। कहा कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र नहीं शुरू की गई तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। इस मौके पर गौरव तिवारी, आशुतोषधर दुबे, आशीष मिश्र, जेके सिंह, जेपी सिंह, रत्नेश्वर पाठक, प्रेमप्रकाश पाल, राजेश पाल, रमेशचंद्र, प्रहलाद यादव, अनीता, नाजरा बानो, अभिषेक श्रीवास्तव आदि थे।

Source- Jagran
19-8-2012

Saturday, 18 August 2012

UPTET- ऑनलाइन शिक्षक भर्ती से एक ही जनपद में काउंसलिंग के लिए मिलेगा मौका

ऑनलाइन शिक्षक भर्ती से एक ही जनपद में काउंसलिंग के लिए मिलेगा मौका





मुजफ्फरनगर 17 जुलाई। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें अभ्यर्थी को एक ही जिले में काउंसलिंग में उपस्थित होने का मौका मिल सकेगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में शहर के कम मेरिट वाले छात्र-छात्राओं को झटका है। ऐसे अभ्यर्थियों की शिक्षक बनने की चाह पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग में रिक्त पडे़ 86 हजार पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन से नियुक्ति किए जाने पर सहमति बनी हैं। यह काउंसलिंग डायट पर होगी,जिसमें उच्च मेरिट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका मिलेगा। वहीं ऑनलाइन भर्ती से अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं है,क्योंकि अभ्यर्थी को काउंसलिंग का एक जिले में ही मौका मिल सकेगा। टीईटी में हुई धांधली को लेकर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति मेरिट के आधार पर करने का निर्णय लिया है। ऑनलाइन शिक्षक की भर्ती के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। छात्रा प्रीति,नीतू, हिमानी ने बताया कि हाई मेरिट के लिए छात्र-छात्राओं को अलग-अलग जनपद में काउंसलिंग का मौका मिलना चाहिए। डायट में राजीव गुप्ता ने बताया कि काउंसलिंग से शिक्षक भर्ती के संबंध में अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
प्रदीप चौहान 

Source- Amar Ujala
18-8-2012

INDIAN POST- ऑनलाइन मिलेंगे डाक विभाग के फार्म

ऑनलाइन मिलेंगे डाक विभाग के फार्म




इलाहाबाद। डाक विभाग के भर्ती फार्म के लिए घंटों लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। फार्म विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। हालांकि परीक्षा शुल्क के रूप में स्टीकर खरीदने तथा भरे हुए फार्म जमा करने के लिए प्रतियोगियों को डाकघर जाना पड़ेगा। विभाग में डाक सहायक आदि पदों पर भर्ती के लिए एक अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। हालांकि फार्म 25 सितंबर तक ही मिलेंगे। इसके लिए सिविल लाइंस और कचहरी दोनों ही दोनों ही प्रधान डाकघरों में अभ्यर्थियों की लंबी लाइन लग रही है। भीड़ को देखते हुए विभाग के लिए फार्म उपलब्ध करा पाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए विभाग ने इंटरनेट से फार्म डाउनलोड करने के विकल्प दिए जाने का भी निर्णय लिया है। यह सुविधा इस महीने के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है। परीक्षा शुल्क के लिए विशेष तरह का स्टीकर होगा। इसके प्रारूप पर निर्णय लिया जाना बाकी है। स्टीकर दोनों प्रधानडाकघरों से मिलेगा। डाक निदेशक केके यादव ने बताया कि अभ्यर्थी विभाग की वेबसाइट से फार्म डाउनलोड कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य जगहों की अपेक्षा इलाहाबाद में फार्म की अधिक मांग है। इसलिए इस तरह का निर्णय लिया गया है। अभ्यर्थियों को जल्द ही यह सुविधा मिलेगी।

BTC- बीटीसी की मान्यता मिली

बीटीसी की मान्यता मिली


बेवर: नगर के भारतीय कपिल मुनि स्नातकोत्तर महाविद्यालय करपिया को बीटीसी की मान्यता मिली है। प्राचार्या डॅा. रेखा कौशल ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत शासनादेश द्वारा गठित मण्डलीय समिति तथा आयुक्त आगरा मण्डल आगरा ने दो वर्षीय बीटीसी पाठ्यक्रम के संचालन हेतु अनुमति प्रदान कर दी गई है।

Source- Jagran
9-8-2012

बीटीसी(BTC)- अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म

बीटीसी अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म




साल भर बाद शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया
पुरानी फीस पर ही होगा एडमिशन
इलाहाबाद। प्राइवेट कालेजों में प्रवेश का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को आखिरकार राहत मिल गई। सालभर बीटीसी कालेजों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में बृहस्पतिवार से अभ्यर्थियों को कॉल लेटर देने के लिए बुलाना शुरू कर दिया गया है। लिस्ट भी लगा दी गई है। पत्र दिए जाने की अंतिम तिथि 22 अगस्त तक रखी गई है। आवंटन पत्र लेने के बाद अभ्यर्थियों को कालेज में जाकर काउंसिलिंग करानी होगी। कालेजों में बीटीसी-2011 का प्रवेश फीस निर्धारण न होने, मान्यता लेने, विधान सभा और निकाय चुनाव की वजह से एक साल लंबित हो गया था।
जिले में बीटीसी के तीन कालेज हैं, जिसमें 150 सीटें हैं। प्रवेश पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही होगा। हर कालेज में 25-25 सीटें पेड, अनपेड की होगी। पेड सीट की फीस 44 हजार और अनपेड की 22 हजार होगी। कालेज के साथ ही डायट की खाली बची 18 सीटों पर भी प्रवेश होगा। डायट सूत्रों के मुताबिक 150 सीटों के लिए 117 अभ्यर्थियों को ही प्रवेश के लिए बुलाया गया है। इन पर प्रवेश होने के बाद शेष बची सीटों के लिए नए सिरे से काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। 

Source- Amar Ujala
17-8-2012

SBTC- मंगेश बने विशिष्ट बीटीसी संघ के अध्यक्ष

मंगेश बने विशिष्ट बीटीसी संघ के अध्यक्ष


मंगेश बने विशिष्ट बीटीसी संघ के अध्यक्ष
इटावा, निज प्रतिनिधि : विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों ने कहा है कि प्रदेश सरकार से उन्हें बहुत अपेक्षाएं हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों पर सरकार वरीयता से ध्यान देगी।
विशिष्ट बेसिक बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन कार्यकारिणी के तीन वर्ष पूरे होने के कारण जिला इकाई स्वत: भंग हो गई थी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर संघ के जिला कार्यालय आरकेएस एकेडमी स्कूल परिसर में भारी संख्या में शिक्षक और पदाधिकारी मौजूद हुए। डा. राजीव राज, डा. शिवेन्द्र यादव, प्रदेश पर्यवेक्षक डा. आशीष दीक्षित ने चुनाव प्रक्रिया कराई।
शिक्षकों ने अपने पूर्व के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए मंगेश कुमार यादव को अध्यक्ष तथा विवेकानंद सिंह भदौरिया को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना। महामंत्री पद पर अवनीन्द्र जादौन निर्वाचित हुए, उन्होंने अच्युत त्रिपाठी को 64 मतों से हराया। जिला प्रभारी आशीष दीक्षित तथा उपाध्यक्ष पदों पर मुकेश कुमार, अनूप दीक्षित, देवेश राणा, देवेन्द्र यादव तथा महिला सीमा गौतम को चुना गया। मनीष कुमार प्रवक्ता बनाए गए। आनंद बाबू, प्रदीप यादव, सुरेश, प्रांजल दुबे, शैलजा चौधरी, लक्ष्मी बेन, रश्मि पालीवाल, इन्दुबाला, राजेश जादौन, आलोक जादौन आदि ने चुनाव में सहयोग किया। अंत में सभी निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया गया।

Source- Jagran
17-8-2012

Shikshamitra- आदेश में उलझ गई तैनाती

आदेश में उलझ गई तैनाती





महराजगंज। विशिष्ट बीटीसी और बीटीसी में चयनित होकर प्रशिक्षण पूरा करने वाले 170 शिक्षामित्रों की तैनाती पर संकट के बादल छा गए हैं। शासन ने उनको फिर से मूल विद्यालय में शिक्षामित्र पद पर कार्य लेने का शासनादेश जारी किया है।
शिक्षामित्र पद पर तैनाती के समय पहले बीएड अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाती थी। उसके बाद विशिष्ट बीटीसी और बीटीसी प्रशिक्षण में शिक्षामित्रों के लिए 10 फीसदी सीटें रिजर्व कर दी गईं। इससे अधिकतर शिक्षामित्र विशिष्ट बीटीसी और बीटीसी में चयनित हो गए। अभी उनकी नियुक्ति नहीं हुई थी, उससे पहले राष्ट्रीय शिक्षा अभियान के तहत टीईटी लागू कर दी गई। नवंबर 2011 में हुई टीईटी परीक्षा में बीटीसी प्रशिक्षण हासिल कर चुके बहुत से अभ्यर्थी असफल हो गए। उनमें से आधे शिक्षामित्र तो बिना टीईटी के ही नियुक्ति पा गए, लेकिन बाकी बचे नियुक्ति को लेकर परेशान हैं। ऐसे शिक्षामित्रों का तर्क था कि प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद उनको पूर्णकालिक शिक्षक के तौर पर तैनाती नहीं दी गई। जबकि शिक्षामित्र पद भी उनका चला गया। ऐसे में शासन ने उनकी तैनाती करने के बजाय वापस शिक्षामित्र पद पर भेजने का शासनादेश जारी कर दिया। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले 14 अगस्त को यह आदेश जारी किया है। इससे विशिष्ट बीटीसी 2007 और बीटीसी 2010 के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले 160 विशिष्ट बीटीसी और 10 बीटीसी शिक्षामित्र प्रभावित होेंगे। ट्रेनिंग लेने के बाद भी वे शिक्षामित्र पद पर ही अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इस शासनादेश की प्रति शिक्षा निदेशक बेसिक, एसएसए परियोजना मुख्यालय लखनऊ, एससीईआरटी डायरेक्टर, एडी बेसिक, डायट प्राचार्य और प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है।
इस बारे में बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा शासनादेश मिल गया। उस आधार पर कार्यवाही की जाएगी। 

Source- Amar Ujala
18-8-2012

PANJAB TET- टीईटी पास की रैली कल, तैयारियां पूरी

टीईटी पास की रैली कल, तैयारियां पूरी


जासं, लुधियाना
अध्यापक योग्यता पास (टीईटी) बेरोजगार अध्यापक यूनियन पंजाब इकाई लुधियाना के ब्लाक प्रधान व सदस्यों की मीटिंग चतर सिंह पार्क में जिला प्रधान दीप राजा की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में सभी सदस्यों की 19 अगस्त को होने वाली रैली को लेकर ड्यूटी लगाई गई।
प्रधान दीप राजा ने बताया कि 19 को लुधियाना में होने वाली रैली में राज्य भर से बड़ी संख्या में टीईटी पास बेरोजगार अध्यापक शामिल होंगे। बैठक में पूनम शर्मा, कृति खन्ना, किरणपाल कौर, परमजीत कौर, प्रवीण कौर, संदीप मनप्रीत सिंह मौजूद थे।

Source- Jagran
17-8-2012
 

UPTET- टीईटी उत्तीर्ण में बढ़ी निराशा

टीईटी उत्तीर्ण में बढ़ी निराशा


आलीपुर खेड़ा: कस्बा एवं अन्य पड़ोसी गांवों के टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के हौसले पस्त होते नजर आ रहे हैं। क्योंकि सरकार के नये फरमान में मेरिट के आधार पर होगी नियुक्ति तथा टीईटी को सिर्फ रखा जायेगा पात्रता श्रेणी में।
क्षेत्र के टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के हौसले पस्त हो जा रहे हैं क्योंकि कुछ समय पहले के निर्देशानुसार टीईटी की मेरिट के अनुसार ही उत्तीर्णों का चयन होना था और कुछ अभ्यर्थियों द्वारा टीईटी में अच्छे अंक भी प्राप्त हुए। जिनको पूरा भरोसा एवं सरकार द्वारा दिये प्रथम निर्देश के तहत अभ्यर्थी अपनी नौकरी पक्की समझने लगे थे। लेकिन शासन द्वारा आये पुन: निर्देशानुसार अब इन अभ्यर्थियों की समस्याओं को बहुत बढ़ा दिया है। क्योंकि अब उन्हीं अभ्यर्थियों की नियुक्ति होगी जिनकी पिछली कक्षाओं के अंक बीएड तक जोड़े जायेंगे। उन्हीं की नियुक्ति संभव हो सकेगी। टीईटी धारकों की धड़कनें तेज हो चुकी हैं क्योंकि इनके पास सिर्फ टीईटी मेरिट एवं टीईटी में तो अच्छे अंक हैं लेकिन पिछली कक्षाओं में सम्पूर्ण मेरिट नहीं होने से इनके हौसले पर पानी फिरता नजर आने लगा है।

Source- Jagran
17-8-2012

Friday, 17 August 2012

Panjab TET- टीईटी पास बेरोजगार अध्यापकों ने दी गिरफ्तारी

टीईटी पास बेरोजगार अध्यापकों ने दी गिरफ्तारी


टीईटी पास बेरोजगार अध्यापकों ने दी गिरफ्तारी
हमारे संवाददाता, बठिंडा
एक तरफ जहां समूचा देश आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं टीईटी पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन ने करो या मरो नीति अपनाते हुए काली झंडियां व काले कपड़े पहनकर काला दिवस मनाया। इस अंदाज से जिलास्तरीय समागम में अपना रोष प्रदर्शन करने जा रहे अध्यापकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
बेरोजगार अध्यापकों ने पूरे जोश से नारे लगाकर गिरफ्तारी दी। छह जिलों बठिंडा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मानसा, फाजिल्का, मुक्तसर के बेरोजगार अध्यापक स्थानीय टीचर्स होम में एकत्र हुए। प्रांतीय प्रधान अमनदीप सिंह ने सरकार के कोरे आश्वासन पांच हजार पदों का इश्तिहार एक सप्ताह में जारी व 3442 व 1273 पदों को तुरंत नियुक्ति पत्र देने संबंधी दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि इनकी गिरफ्तारी तो संकेत मात्र है, वे अपनी मांगों के लिए 19 अगस्त को लुधियाना में महारैली करेंगे जिसमें हजारों की तादाद में शामिल अध्यापक पंजाब की सारी जेलें भर देंगे।

Source- Jagran
17-8-2012

Uttarakhand tet-टीईटी की गुत्थी सुलझाने को सीएम से वार्ता

टीईटी की गुत्थी सुलझाने को सीएम से वार्ता

  
जागरण ब्यूरो, देहरादून
टीईटी के पदों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हो, इसे लेकर गुत्थी फिलहाल सुलझी नहीं है। छात्रसंख्या के आधार पर पद बढ़ाने की सूरत में अन्य कई जिलों में पद घटने का संकट पैदा हो गया है। इस मसले पर निर्णायक रुख को शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने महकमे को एनसीटीई को पर्वतीय जिलों में घटती छात्रसंख्या के संबंध में एनसीटीई को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही माध्यमिक स्कूलों में रिक्त पदों का सही ब्योरा मुहैया कराने को कहा गया है।
टीईटी के पद बढ़ाने को हरिद्वार और उधमसिंहनगर जिलों से अभ्यर्थियों का दबाव सरकार पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा टीईटी पद बढ़ाने की हामी भर चुके हैं। इस बाबत प्रस्ताव उन्हें भेजा जा चुका है। छात्र संख्या के मानक के आधार पर पद बढ़ाने की स्थिति में कई पर्वतीय जिलों में पद घटने की संभावना है। विधानसभा में गुरुवार को विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री के समक्ष यह मसला उठा। काबीना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि पर्वतीय जिलों में छात्रसंख्या में कमी चिंताजनक है। टीईटी के लिए नए मानक के आधार पर पदों के बंदोबस्त से पर्वतीय जिलों में शिक्षकों के पदों में कमी की संभावना बन गई है। इस मसले के समाधान को वह जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
उन्होंने पर्वतीय जिलों की परिस्थितियों के मद्देनजर न्यूनतम दो शिक्षकों के लिए छात्रसंख्या के मानक में ढील देने को एनसीटीई को पत्र लिखने के निर्देश शिक्षा सचिव को दिए। बैठक में माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के पद सृजित नहीं होने का मसला भी उठा। एलटी और प्रवक्ता के तकरीबन 1400 पदों को सृजित करने की बाबत भी मुख्यमंत्री के दर पर महकमा दस्तक देगा। शनिवार को शिक्षा महकमे के कामकाज की मुख्यमंत्री समीक्षा करेंगे। उस वक्त ये मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के भवन निर्माण में धन की कमी, शिक्षा संबंधी डेटा अपडेट करने के साथ ही बजट खर्च की समीक्षा भी की गई। बैठक में शिक्षा सचिव मनीषा पंवार, शिक्षा महानिदेशक आरके सुधांशू, बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल कुमार नेगी, अपर निदेशक एनके बहुगुणा भी मौजूद थे।

Source- Jagran
17-8-2012

UPTET- Allahabad High Court writ-39664, 39674 regarding tet merit on 14-8-2012

Court No. - 30
Case :- WRIT - A No. - 39664 of 2012
Petitioner :- Ratnesh Kumar Pal & Others
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Abhishek Shukla
Respondent Counsel :- C.S.C.,A.K. Yadav,R.A. Akhtar
Hon'ble V.K. Shukla,J.
When the matter has been taken up Sri Neeraj Upadhyay, learned
Standing counsel has produced before this Court the order passed in
Civil Misc. Writ Petition No. 76039 of 2011 dated 06.08.2021 which
reads as follows.;
"An affidavit has been filed on behalf of the State of Uttar Pradesh by the Secretary,
Basic Education, U.P. Government at Lucknow. Along with affidavit a copy of the
Cabinet Decision as communicated to the Director of Basic Education by the Chief
Secretary of the State dated 21st July, 2012 has been brought on record.
Sri C.B. Yadav, learned Additional Advocate General informs the Court that
necessary amendments in the Rules in terms of the Cabinet Decision is still to be
taken.
Sri Ashok Khare learned Senior Advocate points out that a writ petition has already
been filed challenging the Cabinet Decision as notified under the order dated 21st
July, 2012.
Let the State make necessary amendments, as desired, in the statutory rules
regulating the appointment of assistant teachers in Parishidiya Vidyalayas by 25th
August, 2012.
Such direction is being issued by the Court only because appointment on the post of
assistant teachers in Parishidiya Vidyalayas is held-up since last so many years,
initially because of proper advertisement being not published and then a serious
dispute in respect of Teachers Eligibility Test Examination held by the State
Government has been arisen.
This Court must resolve the issue so that suitable teachers may be appointed in
Parishidiya Vidyalayas, where there are acute shortage of qualified teachers.
This Court may clarify that no opinion is being expressed by the Court on the
Cabinet decision taken by the State Government. It is for the State to examine all
aspects of the matter before making any amendments in the Rules, however,
whatever is required to be done must be done by the next date.
In the affidavit to be filed by the State on the next date, query made under the order
of the Court dated 25th May, 2012 must also be answered.
List this matter on 27th August, 2012. Interim order granted earlier by this Court shall
continue in operation till the next date fixed. "
-2-
Issue raised in present writ petition is the issue which is already
engaging the attention of that particular Bench, in view of this it would
be much more appropriate that record of present writ petition be also
placed alongwith the record of Civil Misc. Writ Petition No. 76039 of
2011 on the date fixed in the aforesaid writ petition. The said matter, it
has been informed has been nominated to Hon'ble Mr. Justice Arun
Tandon. Let requisite orders be obtained by the Acting Chief Justice.
In the meantime learned Additional Chief Standing Counsel, in case so
desire he may file counter affidavit in the present writ petition
Order Date :- 14.8.2012
Dhruv




Court No. - 30
Case :- WRIT - A No. - 39674 of 2012
Petitioner :- Akhilesh Tripathi & Others
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Siddharth Khare,Ashok Khare
Respondent Counsel :- C.S.C.,A.K. Yadav
Hon'ble V.K. Shukla,J.
When the matter has been taken up Sri Neeraj Upadhyay, learned
Standing counsel has produced before this Court the order passed in
Civil Misc. Writ Petition No. 76039 of 2011 dated 06.08.2021 which
reads as follows.;
"An affidavit has been filed on behalf of the State of Uttar Pradesh by the Secretary,
Basic Education, U.P. Government at Lucknow. Along with affidavit a copy of the
Cabinet Decision as communicated to the Director of Basic Education by the Chief
Secretary of the State dated 21st July, 2012 has been brought on record.
Sri C.B. Yadav, learned Additional Advocate General informs the Court that
necessary amendments in the Rules in terms of the Cabinet Decision is still to be
taken.
Sri Ashok Khare learned Senior Advocate points out that a writ petition has already
been filed challenging the Cabinet Decision as notified under the order dated 21st
July, 2012.
Let the State make necessary amendments, as desired, in the statutory rules
regulating the appointment of assistant teachers in Parishidiya Vidyalayas by 25th
August, 2012.
Such direction is being issued by the Court only because appointment on the post of
assistant teachers in Parishidiya Vidyalayas is held-up since last so many years,
initially because of proper advertisement being not published and then a serious
dispute in respect of Teachers Eligibility Test Examination held by the State
Government has been arisen.
This Court must resolve the issue so that suitable teachers may be appointed in
Parishidiya Vidyalayas, where there are acute shortage of qualified teachers.
This Court may clarify that no opinion is being expressed by the Court on the
Cabinet decision taken by the State Government. It is for the State to examine all
aspects of the matter before making any amendments in the Rules, however,
whatever is required to be done must be done by the next date.
In the affidavit to be filed by the State on the next date, query made under the order
of the Court dated 25th May, 2012 must also be answered.
List this matter on 27th August, 2012. Interim order granted earlier by this Court shall
continue in operation till the next date fixed. "
-2-
Issue raised in present writ petition is the issue which is already
engaging the attention of that particular Bench, in view of this it would
be much more appropriate that record of present writ petition be also
placed alongwith the record of Civil Misc. Writ Petition No. 76039 of
2011 on the date fixed in the aforesaid writ petition. The said matter, it
has been informed has been nominated to Hon'ble Mr. Justice Arun
Tandon. Let requisite orders be obtained by the Acting Chief Justice.
In the meantime learned Additional Chief Standing Counsel, in case so
desire he may file counter affidavit in the present writ petition
Order Date :- 14.8.2012
Dhruv

Tuesday, 14 August 2012

बीटीसी 2001 प्रवेश परीक्षा दोबारा कराने का आदेश

बीटीसी प्रवेश परीक्षा 2001 दोबारा कराई जाएगी। पूर्व की परीक्षा में सम्मिलित हो चुके वे सभी अभ्यर्थी जिन्हें प्रशिक्षण का मौका नहीं मिला, नई परीक्षा में शामिल किए जाएंगे। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह पूर्व प्रवेश परीक्षा को रद कर 20 अक्तूबर 2005 के शासनादेश के मुताबिक नए सिरे से परीक्षा कराए। अदालत ने इस मामले में दाखिल याचिकाओं को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 18 नवंबर, 2009 के शासनादेश को रद कर दिया है। इस आदेश से प्रदेश के लगभग 30 हजार अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मुकेश चतुर्वेदी और कई अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा कि सरकार अगली कार्रवाई नए सिरे से परीक्षाएं कराने के बाद, उसके मुताबिक ही करे। अदालत ने यह सारी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकार को तीन माह का समय दिया है। बीटीसी 2001 प्रवेश परीक्षा में भारी अनियमितता की शिकायतें थीं। परीक्षा को लेकर आरोप लगा कि लगभग 46 हजार अभ्यर्थियों के फॉर्म गायब कर दिए गए और ऐसे तमाम छात्र जो परीक्षा में शामिल हुए, चयन के हकदार थे, उनका नाम, रोल नंबर लिस्ट से गायब कर दिए गए। पहले चरण में कुल पांच हजार अभ्यर्थियों का चयन किया गया। परिणाम आने के बाद इसे लेकर भारी विरोध हुआ।

मामला न्यायालय में गया। न्यायालय ने वर्ष 2008 में आदेश दिया कि सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई जाए। आरोप है कि शासन ने इसे इस रूप में माना कि जो अभ्यर्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकेहैं, उनकी परीक्षा कराई जाए। वर्ष 2009 में परीक्षा लेकर 33 फीसदी तक नंबर पाने वाले सभी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को ज्वाइन करा दिया। गड़बड़ी के कारण चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए अभ्यर्थियों ने सरकार के इस कदम के खिलाफ 2009 में नए सिरे से वाद दायर किया। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब 2001 की परीक्षा प्रक्रिया ही गड़बड़ी थी तो उसके आधार पर प्रशिक्षण और चयन कैसे सही हो सकता है। इसके अलावा शेष पदों के लिए चयन प्रक्रिया नहीं चलाई गई

source- Amar Ujala
9-9-2010



Maya to appoint 24,000 school teachers today

In the biggest-ever recruitment drive undertaken by the Mayawati government, thousands of basic school teachers (for Classes I to VIII) across the state will get their appointment letters on Tuesday.
Since the appointments had to be made before the code of conduct for Lok Sabha elections comes into force, the state government had ordered the education officers to rush through the procedure.
Achla Khanna, Director of the State Council of Educational Research and Training, which is co-ordinating the exercise, confirmed that the District Institutes of Educational Training (DIET) have been asked to make all recruitment as early as February 10. "If some candidates could not participate in the selection process, it can be extended, but the exercise has to be completed as soon as possible," she said. The number of teachers, to be appointed in all district institutes, will be around 24,000, she added.
The Mayawati government had created 80,000 posts of basic teachers soon after it took over in 2007.
Rakesh Srivastava, Basic Education Officer of Lucknow, said: "We have made the list of vacancies and will try to issue all appointment letters by February 10. Almost all counselling was done today and those who were absent can appear before the selection committee on Tuesday morning."
Candidates who have done a Basic Teacher Certificate (BTC) course are offered government jobs without any test or interview.
The recruitment is being made from the 2001 and 2007 batches of BTC course. The procedure, which normally takes a month, has been cut short to days, in particular for the 2001 batch which had been the subject of a controversy.
Around 5,600 candidates had cleared the entrance examination and undergone training for the BTC that year, during the previous Mayawati regime. But the next government, headed by Mulayam Singh, cancelled their admission alleging anomalies.
The candidates then went to court, which asked the government to conduct a qualifying(PASSING MARKS ONLY 33%) test and make appointments on basis of performance (BTC 2001 MERIT) .
The test took place on February 1, 2009, and the results were announced in a record five days. The government then ordered the DIETs to appoint around 5,500 BTC 2001 candidates and around 23,000 special BTC 2007 candidates by February 10, officials said.
Normally, the department places an advertisement, announcing the dates of the counselling when the candidates' papers are scrutinised by a selection committee. No one is sure if and when an advertisement was taken out this time. One of the officials said probably it was published on February 8 to start the appointment process from February 9 and complete it by February 10. The members of the selection committees were hurriedly contacted on Monday and told to report in the afternoon for the selection.
"Things are being done at a speed that is more than quick," said a senior officer of the Basic Education Department. Usually, candidates are given at least 10 to 15 days, so they can be ready with documents like caste certificate, disability certificate and the rest. "But we will see what can be done if they are unable to present all certificates due to the short notice," he added.

Source- Indian Express
10-2-2009

UPTET- Fresh Cases Filed IN H.C. Challenging The Amendment Of The Base Of Selection



UPTET- टीईटी अब कोर्ट के जरिए मांगेंगे हक

टीईटी अब कोर्ट के जरिए मांगेंगे हक


टीईटी अब कोर्ट के जरिए मांगेंगे हक
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश टीईटी संघर्ष मोर्चा की बैठक रविवार को कुंवर सिंह उद्यान में हुई। इसमें अभ्यर्थियों की नियुक्ति टीईटी मेरिट के आधार पर करने की सरकार से मांग की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने मेरिट के आधार पर नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं किया तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि यह उनका अधिकार है। सरकार को किसी भी प्रकार की कोई मनमानी नहीं करने दी जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि संगठन के सभी सदस्य एकजुट होकर अधिकार की लड़ाई लड़ें। सफलता एक न एक दिन उन्हें जरूर मिलेगी। सत्य परेशान हो सकता है किंतु पराजित नहीं हो सकता है। संगठन को मजबूत कर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है। बैठक में उमेश वर्मा, अरविंद यादव, महेंद्र कुमार, राकेश चंद यादव, सुरेंद्र कुमार, आजाद यादव, विजय कुमार, मनोज कुमार, रणविजय, यासिन जफर, हस्सान जफर, भोला यादव, सिद्धेश्वरी पांडेय आदि उपस्थित थे।

Source- Jagran
12-8-2012

UP POLICE- पुलिस भर्ती प्रक्रिया तीन हफ्ते में शुरू करे सरकार

पुलिस भर्ती प्रक्रिया तीन हफ्ते में शुरू करे सरकार





हाईकोर्ट ने घटनाओें के वैज्ञानिक अन्वेषण पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में पुलिस द्वारा सही नतीजे न निकाल पाने पर हाईकोर्ट ने एक बार फिर सरकार को चेताया है। साथ ही पुलिस विभाग में भर्ती के लिए तीन सप्ताह में प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। मो. कासिम द्वारा दाखिल आपराधिक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अमर सरन और न्यायमूर्ति पंकज नकवी की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को कई दिशा निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व न्यायालय ने एक मई को दिए आदेश में सरकार से पुलिस विभाग में भर्ती प्रारंभ करने को कहा था। आदेश का अनुपालन नहीं हो सका और महकमे में नई भर्ती अभी भी रुकी हुई है। सोमवार को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रदेश सरकार को एक और मोहलत देते हुए तीन सप्ताह मेें भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देने का निर्देश दिया है। अदालत ने पूर्व में प्रत्येक जिले में फोरेंसिक लैब स्थापित करने और विवेचना तथा कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों की नियुक्ति आदि के निर्देशों का अनुपालन करने को कहा है।
कासिम ने अपनी जनहित याचिका में कहा था कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान जिले में लूट और हत्या की कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिनका खुलासा नहीं हो सका है। इनमें से डीडमास के शोरूम में हुई लूट और हत्या, पूर्व मंत्री नंदी पर हमले का मामला, मम्फोर्डगंज में दो गार्डों की हत्या कर 44 लाख की लूट, अल्लापुर में एटीएम मशीन उखाड़ ले जाना, सिविल लाइंस में सुरजू महाजन ज्वेलर्स में डकैती जैसी प्रमुख घटनाओं का खुलासा नहीं हो सका है। इसकी वजह है कि पुलिस के पास घटनाओें के वैज्ञानिक अन्वेषण की सुविधा उपलब्ध नहीं है। परंपरागत तरीके से की जाने वाली जांच के कारण सही नतीजे नहीं निकल पा रहे हैं। याचिका में मांग की गई थी कि प्रत्येक जिले में फोरेंसिक लैब स्थापित की जाए और पुलिस को वैज्ञानिक अन्वेषण की तकनीक से लैस किया जाए। पुलिसकर्मियोें को आईटी अपराध से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने जैसे कई मांगों पर कोर्ट ने प्रदेश सरकार को कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। 

Source- Amar Ujala
14-8-2012

INDIA POST- डाक विभाग में परीक्षा के आधार पर होगी भर्ती

डाक विभाग में परीक्षा के आधार पर होगी भर्ती




फर्जी अंकपत्र से नौकरी पाने के सैकड़ों मामले खुलने के मद्देनजर बदली प्रक्रिया
अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ेंगे बारहवीं के अंक, लंबे समय से की जा रही थी मांग
दोनों प्रधान डाकघरों में 25 सितंबर तक मिलेंग फार्म, आवेदन एक अक्टूबर तक
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। फर्जी अंकपत्र लगाकर नौकरी पाने के सैकड़ों मामले सामने आने के बाद डाक विभाग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया ही बदल दी है। इसके अनुसार अब स्क्रीनिंग और फाइनल मेरिट में बारहवीं के अंक नहीं जोड़े जाएंगे। मात्र लिखित परीक्षा और कम्प्यूटर टेस्ट के आधार पर भर्ती होगी। इतना ही नहीं मेरिट भी जिले के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी। परीक्षा के लिए विभाग ने नई दिल्ली की सीएमसी संस्था से समझौता किया है। अभ्यर्थी तैनाती के लिए 10 जिलों का चुनाव कर सकते हैं। हालांकि आवेदन के लिए सामान्य अभ्यर्थियों का बारहवीं में 60 फीसदी अंक होना जरूरी है। ओबीसी के 55 और एससी-एसटी के अभ्यर्थियों के न्यूनतम 45 फीसदी अंक होने चाहिए।
पुरानी व्यवस्था में बारहवीं में मिले अंक का काफी महत्व होता था। स्क्रीनिंग के लिए इसे आधार बनाए जाने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहले चरण में ही छंट जाते। स्थिति यह होती कि 70 फीसदी से भी अधिक अंक पाने वाले स्क्रीनिंग में बाहर हो जाते। इसके अलावा फाइनल मेरिट में भी 50 फीसदी अंक बारहवीं के अंक पर निर्धारित होता। इससे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा के मामले भी सामने आए। अकेले इलाहाबाद में फर्जी अंकपत्र के तकरीबन 100 मामले पकड़े गए हैं, जिसकी जांच चल रही है। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा में अधिक अंक मिलने के कारण एक विशेष राज्य के अभ्यर्थियों का भर्ती में दबदबा रहता था। इसको लेकर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की लंबे समय से मांग की जा रही थी जो अब मान ली गई है। लिखित परीक्षा में 25-25 अंक के सामान्य ज्ञान, गणित, अंग्रेजी और तर्कशक्ति के चार खंड होंगे। इसके अलावा कम्प्यूटर टाइपिंग और डाटा फीडिंग टेस्ट होगा।
प्रदेश में कुल 533 डाक सहायकों, 103 छंटनी सहायकों तथा बैंकिंग से संबंधित 38 डाक सहायकों की भर्ती होनी है। इलाहाबाद क्षेत्र में कुल 91 पदों पर भर्ती होगी। डाक निदेशक केके यादव ने बताया कि फार्म सिविल लाइंस और कचहरी प्रधान डाकघर से 25 सितंबर तक प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख एक अक्टूबर है। फार्म स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक से ही स्वीकार किए जाएंगे। 

Source- Amar Ujala
14-8-2012

Uptet-नियुक्ति को लेकर विशिष्ट बीटीसी का प्रदर्शन

नियुक्ति को लेकर विशिष्ट बीटीसी का प्रदर्शन


महराजगंज : विशिष्ट बीटीसी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जिला मुख्यालय पर नियुक्त की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हरिनारायण यादव ने कहा कि उपेक्षा के चलते 2007 व 2008 के विशिष्ट बीटीसी की विज्ञप्ति आज तक पूर्ण नहीं हो पायी। नियुक्ति प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारी आए दिन पेंच फंसा रहे है। जिसके कारण पांच प्रतिशत लोग आज तक नियुक्ति नहीं पा सके। धरना प्रदर्शन को अशोक कुमार सिंह, कृष्ण कुमार चौधरी, विपिन बिहारी गौड़, राजेश राय, शिव कुमार पांडेय, अयोध्या नाथ मिश्र, राजेश्वर प्रजापति, फरेंद्र भारती, मदन गोपाल गुप्ता, प्रताप कुमार वर्मा आदि लोगों ने संबोधित किया।

Source- Jagran
13-8-2012

UPTET- टीईटी की मेरिट हो भर्ती का आधार

टीईटी की मेरिट हो भर्ती का आधार


मऊ : अध्यापक भर्ती का आधार टीईटी परीक्षा का मेरिट ही होना चाहिये। इसमें फेर बदल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। सरकार ने एक माह के अन्दर बेरोजगारों की मांगें नहीं मानी तो वे कोर्ट जायेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे। यह बातें जीवन राम छात्रावास कैम्पस में रविवार को टीइटी बेरोजगारों की बैठक में कही गयी।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे हुये सुनील गावस्कर ने कहा कि नवम्बर 2011 में शिक्षक भर्ती के लिये जो विज्ञापन निकला था उसको सपा सरकार निरस्त करना चाहती है। लेकिन टीईटी बेरोजगार उसको निरस्त नहीं होने देंगे। रणवीर सिंह व राजीव यादव ने कहा कि जिस वक्त टीइटी की परीक्षा ली गयी थी उस वक्त कहा गया था कि उक्त परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सीधे अध्यापक की नौकरी प्रदान कर दी जायेगी लेकिन सरकार बदलने के बाद से उक्त नियम का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। बैठक में अरुण कुमार, बृजेश चौहान, मुनीर अहमद, अनिल पांडेय, विनोद कुमार, सर्वदानंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Source- Jagran
12-8-2012

PANJAB TET-टीईटी पास बेरोजगारों ने फूंका सरकार का पुतला

टीईटी पास बेरोजगारों ने फूंका सरकार का पुतला

 
जागरण संवाददाता, फरीदकोट
अध्यापक योग्यता परीक्षा पास बेरोजगार अध्यापकों ने पंजाब सरकार के विरोध में भाई कन्हैया चौक में रैली निकाली और सरकार का पुतला फूंका।
रैली को संबोधित करते हुए जिला प्रधान प्रद्युमनपाल सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के सरकारी स्कूलों में लगभग 50 हजार पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद पंजाब सरकार टीईटी पास 9 हजार के करीब अध्यापकों को भर्ती न कर गरीब बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल रही है। इसके अलावा सरकार रेशनेलाइजेशन की नीति लागू करके विद्यार्थियों, अध्यापकों और बेरोजगारों के साथ धक्केशाही कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि 16 जुलाई को यूनियन के नेताओं व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एक सप्ताह में पांच हजार नई मास्टर कैडर पदों के लिए इश्तिहार जारी करने तथा शिक्षा विभाग द्वारा पहले ही अप्लाई करवाई जा चुकी 3442 एवं ईटीटी की 1273 पदों के काउंसलिंग के बाद जल्द नियुक्ति पत्र देने के आदेश दिए थे, मगर एक महीना बीतने के बाद भी नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए। इस मौके पर गगनदीप सिंह, सुखविंदर सिंह, हरसिमरण सिंह, छिंदरपाल, राजवीर सिंह, कुलदीप कौर, नीशु गोयल, हरजीत कौर, नैंसी, सुषमा, अनुराधा, जतिंदर कौर, कुलदीप कौर, रूपीइन्द्र कौर, सर्बजीत कौर, सुनीता आदि उपस्थित रहे।

Source- Jagran
13-8-2012

Monday, 13 August 2012

BTC- Old NEWS About BTC-2001


बीटीसी 2001 के आवेदकों को मिलेगी नौकरी

बीटीसी 2001 के शेष बचे चयनितों को नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे आवेदकों को बीटीसी का प्रशिक्षण दिया जाएगा और दो साल की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन्हें प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक की नौकरी दी जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। प्रदेश में ऐसे करीब 150 चयनित हैं, जिन्हें अभी तक प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इस आदेश से उन 5600 शिक्षकों को राहत मिल जाएगी, जिनके ऊपर नए सिरे से प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की तलवार लटक रही थी।

स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता बीटीसी
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता बीटीसी है। प्रदेश में वर्ष 2001 में 5600 सीटों पर प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रवेश परीक्षा के दौरान धांधली की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद इसकी सतर्कता विभाग से जांच कराई गई। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद प्रवेश परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद मायावती सरकार ने फरवरी 2009 में प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की क्वालीफाइंग परीक्षा कराकर ऐसे चयनितों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक की नौकरी दे दी।

सहायक अध्यापक की नौकरी पाने से वंचित
इसके बाद भी कुछ आवेदक सहायक अध्यापक की नौकरी पाने से वंचित रह गए थे। ऐसे आवेदकों ने हाईकोर्ट इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने सितंबर 2010 में नए सिरे से प्रवेश परीक्षा कराने का आदेश दिया था। इस संबंध में शासन ने अपने स्थिति स्पष्ट करते हुए पात्रों को प्रशिक्षण देकर नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय फाइल भेजी गई थी। वहां से ऐसे पात्रों को प्रशिक्षण देकर नौकरी देने की मंजूरी दे दी गई है।
Source- Amar Ujala
26-4-2011


 बीटीसी-2001 की प्रवेश परीक्षा नये सिरे से करायें
इलाहाबाद (एसएनबी)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बीटीसी 2001 में दाखिले को लेकर दायर याचिकाओं को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 18 नवम्बर 2009 को जारी शासनादेश को रद कर दिया है। अदालत ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह बीटीसी- 2001 में दाखिला के लिए नए सिरे से प्रवेश परीक्षा ले। कोर्ट ने कहा कि यह प्रवेश परीक्षा सरकार द्वारा जारी 20 अक्टूबर 2005 के शासनादेश के मुताबिक होगी और उस प्रवेश परीक्षा में याचीगण भी शामिल होंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने मुकेश चतुव्रेदी व कई अन्य की याचिकाओं पर पारित किया है। न्यायालय ने कहा कि नये सिरे से बीटीसी-2001 की परीक्षा कराकर उसके अनुसार अगली कार्यवाही की जाय। न्यायालय ने कहा है कि परीक्षा व उसके बाद की समस्त कार्यवाही तीन माह के भीतर पूरी की जाये। 18 नवम्बर 2009 के आदेश से याचीगण के प्रत्यावेदन को निरस्त कर दिया गया था तथा कहा गया था कि उनके लिए बीटीसी-2001 की प्रवेश परीक्षा लेना संभव नहीं है।
Source Rashtrya sahara
9-9-2012



2001 batch of BTC candidates demand re-test

Lucknow, October 4 Following recent action taken on police recruitment anomalies that took place during Mulayam regime, around 500 candidates of the 2001 batch of BTC (Basic Teachers Certificates) exams took to roads on Thursday, demanding re-examination as per the court orders in April.
These candidates also took out a candle march in the Hazaratganj area today alleging the enquiry that was conducted during Mulayam’s regime was full of anomalies and most of them have been punished unnecessarily.
It is to be noted that the entire examination process of BTC 2001 batch took place during the previous Mayawati’s regime but when it came to employing them as teachers, Mulayam’s government cancelled their admission alleging anomalies.
Candidates from various districts like Kaushambhi, Allahabad, Deoria gathered here for the protest. They shouted slogans like “SP sarkar ke hain hum sataye, Behanji ap humein apnayen”, “SP sarkar ne janch mein ki baimani, behan ji aisi janch karao jismein ho dudh ka dudh or pani ka pani.”

“We will continue our protest till there is some proper assurance by the Government,” said Atul Shukla, one of the candidates.

Source- Express india
5-10-2007 

यूपी में विशिष्ट बीटीसी भर्ती पर कोर्ट की रोक


लखनऊ (वार्ता) : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को अग्रिम आदेशों तक विशिष्ट बीटीसी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। कोर्ट का यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2001 की बीटीसी भर्ती को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर आया है।

दायर अर्जी में मांग की गई थी कि एक तरफ 2 साल तक ट्रेनिंग ले चुके बीटीसी अभ्यर्थियों के चयन को राज्य सरकार ने रद्द कर दिया है, जबकि दूसरी ओर राज्य सरकार विशिष्ट बीटीसी के तहत भर्ती करने जा रही है। याची अवधेश कुमार वर्मा सहित अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस डी. पी. सिंह ने यह आदेश दिया। 
Source -Nav Bharat Times
10-11-2005