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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षक भर्ती की तैयारी शुरू ***चुनावी गणित में भावी शिक्षकों पर भी डोरे *** :----

Friday, 2 November 2012

UPTET - विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित

UPTET - विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित
 
 
लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अब सीधी भर्ती की जाएगी। इसलिए विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित कर दी गई है। अब इसके लिए अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 14 में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया जाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद प्राइमरी स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया फिलहाल कुछ माह के लिए लटक सकती है। टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक बनने के लिए अभी कुछ महीने और इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने के साथ राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने देश के सभी राज्यों को बीएड डिग्रीधारकों को सहायक अध्यापक पद पर सीधी भर्ती की अनुमति दी थी। इसके लिए शर्त रखी गई कि शिक्षकों की भर्ती 1 जनवरी 2012 तक की जाएगी और इसके लिए टीईटी पास करने वाले ही पात्र होंगे। यूपी में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए नवंबर 2011 में प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन टीईटी में गड़बड़ी के चलते भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। तत्कालीन बसपा सरकार ने शिक्षकों की सीधी भर्ती का निर्णय किया था। पर सत्ता बदलने के बाद अखिलेश सरकार ने शिक्षकों की सीधी भर्ती न कर विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से भर्ती का निर्णय किया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने गुणांक के आधार पर मेरिट बनाते हुए विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया का प्रस्ताव भेजा था। शासन में इसको लेकर भ्रम की स्थिति थी कि चयन प्रक्रिया में बीएड के अंकों को जोड़ा जाए या नहीं। बेसिक शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को इसके लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार के साथ अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। इसमें तय किया गया कि एनसीटीई से मिली विशेष अनुमति के आधार पर शिक्षकों की सीधी भर्ती ही की जाएगी। बेसिक शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया है कि प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक प्रशिक्षु के पद पर भर्ती के लिए अध्यापक सेवा नियमावली के नियम-14 में इसे शामिल करते हुए शीघ्र ही प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।
 
Source - Amar Ujala
2-11-2012

UPTET 2012 -शिक्षक पात्रता परीक्षा अब अगले वर्ष

UPTET 2012 -शिक्षक पात्रता परीक्षा अब अगले वर्ष

लखनऊ (ब्यूरो)। यूपी में वर्ष 2012 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अब नहीं कराई जाएगी। टीईटी अब नए वर्ष यानी वर्ष 2013 में कराए जाने पर लगभग सहमति बन गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से इसके आधार पर ही प्रस्ताव मांगा गया है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने कक्षा 8 तक के स्कूलों में शिक्षकों भर्ती के लिए टीईटी पास होने वालों को ही पात्र माना है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष राज्यों को टीईटी आयोजित करनी है। यूपी में नवंबर 2011 में टीईटी आयोजित की गई थी।
 
Source - Amar Ujala
2-11-2012

UPTET - बेसिक शिक्षा मंत्री की अगुवाई में निर्णय, अब प्राइमरी शिक्षकों की होगी सीधी भर्ती


UPTET - बेसिक शिक्षा मंत्री की अगुवाई में निर्णय, अब प्राइमरी शिक्षकों की होगी सीधी भर्ती

•अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अब सीधी भर्ती की जाएगी इसलिए विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया 2012 स्थगित कर दी गई है। अब इसके लिए अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 14 में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया जाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया फिलहाल कुछ माह के लिए लटक सकती है।
बैठक में तय किया गया कि विशिष्ट बीटीसी के स्थान पर पहले टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों प्रशिक्षु शिक्षक रखा जाएगा। इसके लिए गुणांक के आधार पर मेरिट का निर्धारण करते हुए प्रशिक्षु शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इसमें हाईस्कूल का 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट का 20, स्नातक 40 और बीएड का 30 प्रतिशत अंक जोड़ते हुए मेरिट बनाई जाएगी। चयनित प्रशिक्षु शिक्षकों को बाद में छह माह की विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग लेनी होगी। ट्रेंड शिक्षक होने से पहले उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षकों को नियुक्ति देने से पहले अध्यापक सेवा नियमावली के नियम- 14 में इसका प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से नवंबर में प्रस्ताव प्राप्त कर दिसंबर में ऑनलाइन आवेदन लेने पर सहमति बनी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के साथ राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने देश के सभी राज्यों को बीएड डिग्रीधारकों को सहायक अध्यापक पद पर सीधी भर्ती की अनुमति दी थी। इसके लिए शर्त रखी गई कि शिक्षकों की भर्ती 1 जनवरी 2012 तक की जाएगी और इसके लिए टीईटी पास ही पात्र होंगे। यूपी में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए नवंबर 2011 में प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन टीईटी में गड़बड़ी के चलते भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
 
Source - Amar Ujala
2-11-2012

UPTET - बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक

UPTET - बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 रिक्त पदों पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों को चयन के बाद पहले प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक जैसे प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक की मौलिक नियुक्ति दी जाती रहेगी। मौलिक नियुक्ति होने पर उन्हें स्थायी शिक्षक का वेतनमान मिलने लगेगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रदेश में पहली बार प्रस्तावित इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त करने और ट्रेनिंग के बाद उन्हें मौलिक नियुक्ति देने का प्राविधान जोड़ा जाएगा। यह भी तय हुआ है कि टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयन करने के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 प्रतिशत अंकों को जोड़कर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग का क्रम तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में नवंबर के अंत तक संशोधन किया जाए। फिर दिसंबर से टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे। इससे पहले यह तय हुआ था कि 72,825 पदों पर भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का मेरिट के आधार पर चयन कर पहले उन्हें छह महीने का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। यह भी तय हुआ था कि चयन की जो मेरिट बनेगी उसमें अभ्यर्थियों द्वारा हाईस्कूल में प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20 व स्नातक के 40 प्रतिशत अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, यदि अभ्यर्थी को बीएडके थ्योरी और प्रैक्टिकल में प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई है तो उसे प्रत्येक के लिए 12-12, द्वितीय श्रेणी के लिए 6-6 और तृतीय श्रेणी के लिए 3-3 अंक मिलेंगे। मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर सवाल उठाये जा रहे थे। कहा जा रहा था कि श्रेणियों के आधार पर मनमाने तरीके से अंक तय करना उचित नहीं है।
विभाग को शिक्षकों की भर्ती में नयी व्यवस्था लागू करने के बारे में इसलिए सोचना पड़ा क्योंकि एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक नियुक्त करने के लिए 31 मार्च 2014 तक का समय दिया है। यदि अभ्यर्थियों का पहले विशिष्ट बीटीसी ट्रेनिंग के लिए चयन करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाती तो प्रदेश में एक बैच में अधिकतम 20,000 अभ्यर्थियों को ही ट्रेनिंग देने की क्षमता है। चार बैच को ट्रेनिंग देने में कम से कम दो वर्ष का समय लगता और तब तक स्वीकृत समयसीमा बीत जाती। समय बीतने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाती। दूसरा, जो नयी व्यवस्था सोची गई है, उसमें मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर उठायी जा रही आपत्ति भी दूर हो सकेगी।

Source - Jagran
2-11-2012

Thursday, 1 November 2012

UPTET - पहले प्रशिक्षु शिक्षक बनाये जाएंगे बीएड डिग्रीधारक - छह महीने की ट्रेनिंग के बाद होगी मौलिक नियुक्ति

नोट - यह खबर  http://www.only4uptet.wapka.mobi/index.html से ली गयी है पर जागरण की साईट पर इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नही है ।इसकी सत्यता की जाँच आप खुद करें ।



UPTET - पहले प्रशिक्षु शिक्षक बनाये जाएंगे बीएड डिग्रीधारक - छह महीने की ट्रेनिंग के बाद होगी मौलिक नियुक्ति -
मेरिट में हाईस्कूल पर्सेंटेज के 10, इंटर के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 फीसदी अंक जुड़ेंगे

- उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में होगा संशोधन जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 रिक्त पदों पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों को चयन के बाद पहले प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक जैसे प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक की मौलिक नियुक्ति दी जाती रहेगी। मौलिक नियुक्ति होने पर उन्हें स्थायी शिक्षक का वेतनमान मिलने लगेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रदेश में पहली बार प्रस्तावित इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त करने और ट्रेनिंग के बाद उन्हें मौलिक नियुक्ति देने का प्राविधान जोड़ा जाएगा। यह भी तय हुआ है कि टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयन करने के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 प्रतिशत अंकों को जोड़कर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग का क्रम तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में नवंबर के अंत तक संशोधन किया जाए। फिर दिसंबर से टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे

Source - Jagran
1-11-2012

UPTET - भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने को लेकर प्रदर्शन

UPTET - भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने को लेकर प्रदर्शन

इलाहाबाद : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी बेसिक शिक्षा में रिक्त 72,825 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अभी तक न शुरू होने से नाराज अभ्यर्थियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों की मांग है कि रिक्त शिक्षकों के पदों पर विज्ञापन निकालकर जल्द ही भर्ती पक्रिया शुरू की जाए।

बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की टीईटी अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को अभ्यर्थियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एसीएम प्रथम ने आकर ज्ञापन लिया। ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने सरकार से शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में भीमसेन चौरसिया, संजय पांडेय, राकेश यादव, सुभाष, पवन मिश्रा, अभिषेक, शिवाकांत यादव, झूंसी प्रसाद, नीरज मिश्र, पीयूष आचार्य, चंद्र प्रकाश सिंह, राजन मिश्र, हरेंद्र यादव, कान्हा तिवारी व हरितोष आदि शामिल रहे
।


Source - Jagran
1-11-2012

वेबसाइट से डाउनलोड करें अंकपत्र

वेबसाइट से डाउनलोड करें अंकपत्र
 
इलाहाबाद। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश के अनुसार विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित जिन अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन विद्यालयों में नियुक्ति के लिए आवेदन करना है, वह अभ्यर्थी अपने अंक विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड करके संबंधित डायट के प्राचार्य से प्रमाणित करवाकर आवेदन कर सकते हैं।
कलेक्ट्रेट के पास कपड़े उतारकर प्रदर्शन करते टीईटी पास बीएड बेरोजगार छात्र और आजाद पार्क में स्कूल आवंटन का विरोध करतीं शिक्षिकाएं।

Source - Amar Ujala
1-11-2012

BTC - ऑन लाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग

BTC - ऑन लाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग
 
इलाहाबाद। बीटीसी 2010 बैच के प्रशिक्षुओं ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में खाली शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 20 नवंबर से आगे बढ़ाने की मांग की है। बीटीसी 2010 के प्रशिक्षुओं का कहना है कि उनका परीक्षा परिणाम लंबित होने के कारण आवेदन भर्ती प्रक्रिया वह वंचित हो जाएंगे। ऐसे में प्रदेश सरकार बीटीसी 2010 का रिजल्ट जारी होने तक आवेदन की तिथि बढ़ाए।

Source - Amar Ujala
1-11-2012

टीईटी उत्तीर्ण बीएड बेरोजगारों का जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा

टीईटी उत्तीर्ण बीएड बेरोजगारों का
जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा
आपस में ही लड़ गईं शिक्षिकाएं
 
इलाहाबाद। आजाद पार्क में स्कूल आवंटन के विरोध में प्रदर्शन करतीं महिलाएं आपस में झगड़ पड़ी। विवाद आजाद पार्क में स्कूल ज्वाइन कर चुकी शिक्षिकाओं के पहुंचने पर शुरू हुआ। आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए वे शिक्षिकाएं भी पहुंच गईं जो अभी तक प्रदर्शनों में शामिल नहीं थी। शिक्षिकाओं के मुताबिक बीएसए ने आश्वासन दिया है कि पहले आंदोलनरत शिक्षिकाओं को देखा जाएगा। इसके बाद स्कूल ज्वाइन कर चुकी शिक्षिकाओं को देखा जाएगा। पहले से आंदोलरत शिक्षिकाओं का कहना था कि अपना नुकसान होता देख स्कूल ज्वाइन कर चुकी शिक्षिकाएं सामने आईं हैं। शिक्षिकाओं के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के लिए पांच सदस्यों को चुना गया।

Source - Amar Ujala
1-11-2012

BTC - परीक्षा परिणाम घोषित करने की उठी आवाज

BTC - परीक्षा परिणाम घोषित करने की उठी आवाज

मऊ : बीटीसी 2010 बैच की परीक्षा का परिणाम घोषित करने को लेकर डायट के प्रशिक्षणार्थियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर 12 नवंबर तक परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग की। उन्हें इस दिशा में सार्थक कदम उठाने का आश्वासन मिला।
 

बीटीसी अंतिम सेमेस्टर के प्रशिक्षु विनय सिंह व अमित सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा सहायक अध्यापक की नियुक्ति हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। बीटीसी 2010 का परीक्षा परिणाम न आने की स्थिति में विज्ञापित 9600 पदों में आधे से अधिक पद रिक्त रहने की संभावना है। वे प्रशिक्षण पूरा करने के साथ अध्यापक पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। परीक्षा परिणाम 12 नवंबर तक आ जाता है तो वे भी इस नियुक्ति के लिए पात्र होते। इसलिए परिणाम घोषित किया जाय अन्यथा नियुक्ति हेतु विज्ञापन की तिथि बढ़ाई जाय। ज्ञापन सौंपने वालों में रश्मि राय, पूजा शाही, नूसरत जहां, वंदना विश्वकर्मा, पूनम मौर्या, अनीता यादव, रेखा सिंह, इंद्रजीत, मनोज, रजनीकांत, अरूण मौर्य, सतेंद्र, जितेंद्र, धीरज मौर्य आदि शामिल थे ।

Source - Jagran
1-11-2012

UPTET - शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को गरजे

UPTET - शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को गरजे

•अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। टीईटी उत्तीर्ण बीएड बेरोजगार अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर बुधवार को आजाद पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का कहना था कि न्यायालय की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की हरी झंडी मिलने के बाद भी प्रदेश सरकार अभी तक प्राथमिक विद्यालयों में खाली पदों की घोषणा नहीं कर रहा है। छात्रों ने अपने ज्ञापन में कहा कि 72823 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन नहीं होने के कारण बाधित है। बीएड बेरोजगारों ने प्रदेश सरकार से खाली पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बीएड बेरोजगारों ने चक्काजाम किया। ज्ञापन देने वालों में अभिषेक सिंह सोनू, संजय पांडेय, दिनेश दुबे, पवन मिश्र, सुभाष चौधरी, अशोक यादव, नीरज मिश्र, विनय यादव, विनय पांडेय, हैप्पी सिंह शामिल रहे।
 
Source - Amar Ujala
1-11-2012

विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी जुड़ेंगे अंक एससीईआरटी ने शासन को भेजा प्रस्ताव

विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी जुड़ेंगे अंक
एससीईआरटी ने शासन को भेजा प्रस्ताव

पुराने पैटर्न पर भी करने का दिया सुझाव -

लखनऊ। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने यह साफ कर दिया है कि विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के भी अंक जोड़े जाएंगे।
विशिष्ट बीटीसी खासकर बीएड वालों के लिए है, इसलिए इसका अंक जोड़ना अनिवार्य है। एससीईआरटी ने बुधवार को इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में पुराने पैटर्न यानी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के प्राप्तांकों को सीधे जोड़कर मेरिट बनाने का भी सुझाव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि गुणांक के आधार पर भी मेरिट का निर्धारण किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी द्वारा बुधवार को बुलाई गई बैठक अब गुरुवार को होने की संभावना है।
प्रदेश में 72 हजार 825 विशिष्ट बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की जानी है। इसके लिए शासनादेश जारी होना है। शासन स्तर पर पूर्व में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के अंकों को गुणांक के आधार पर जोड़ते हुए मेरिट बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री ने इस पर संशोधित प्रस्ताव एससीईआरटी से मांग लिया। इसमें पूछा गया कि विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के अंकों को जोड़ना कहां तक उचित होगा।

सूत्रों का कहना है कि एससीईआरटी ने बुधवार को संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें सुझाव दिया गया है कि पूर्व की तरह इस बार भी विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया पूरी की जाए।
पूर्व में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के प्राप्तांकों को सीधे जोड़कर मेरिट बनाई जाती रही है। इसी तरह इस बार भी मेरिट बनाई जा सकती है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि गुणांक के आधार पर मेरिट बनाई जा सकती है। एससीईआरटी के प्रस्ताव पर अब शासन को अंतिम निर्णय करना है।


Source - Amar Ujala
1-11-2012

Wednesday, 31 October 2012

UPTET - न्याय विभाग से इंकार के बावजूद सरकार ने फिर भेजा प्रस्ताव

UPTET - न्याय विभाग से इंकार के बावजूद सरकार  ने फिर भेजा प्रस्ताव 

Source - Hindustan
31-10-2012

UPTET - ALLAHABAD HIGH COURT LUCKNOW BENCH


ALLAHABAD HIGH COURT LUCKNOW BENCH 
CASE NO-    5135
POSITION-   85
COURT NO-   6
 
 -GH PRIN.                 M.C.DIXIT                
     85.  SERS  5135-2012   ARVIND KUMAR SINGH &      GANGA SINGH              
                            -50 ORS.                                                
      NEXT CAUSE LIST       Vs.STATE OF U.P. THROUG   C.S.C.                   
                            -H CHIEF                                                
     86.  SERS  5283-2012   ARVIND BAHADUR SINGH      RIPUDAMAN SHAHI          
                             Vs.STATE OF U.P. THROU   C.S.C.                   
                            -GH PRIN.                 H.S.JAIN                 
                                                      JAI SHANKER SHUKLA 
 
 
 AT : 02:00 P.M. 
 
 
 
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UPTET - टीईटी अभ्यर्थियों से धैर्य की अपील

UPTET - टीईटी अभ्यर्थियों से धैर्य की अपील
गाजीपुर। टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैठक लंका मैदान में हुई। रमा त्रिपाठी ने संगठन को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि निराश और हताश होने की आवश्यकता नहीं है। धैर्य का परिचय देने की जरूरत है। कहा कि हमारी मांग शुरू से ही टीईटी मेरिट की रही है और आगे भी रहेगी। हमे नि:स्वार्थ भाव से अपनी मांगपर अडिग रहना है। बैठक में अमित पांडेय, आनंद कुमार सिंह, अरुण यादव, चंद्रमा , सुशील, संजय, बालेश्वर, कुबेर यादव ने विचार रखे।


Source - Amar Ujala
30-10-2012

टीईटी अभ्यर्थियों की बैठक एक को

टीईटी अभ्यर्थियों की बैठक एक को

शिकोहाबाद (ब्यूरो)। टीईटी महासंघ मोर्चा के अध्यक्ष रवीकांत सिंह के अनुसार अध्यापक पात्रता परीक्षा- 2011 के सभी अभ्यर्थियों की बैठक एक नवंबर को नारायण इंटर कालेज में सुबह साढ़े दस बजे आयोजित की गई है। बैठक में जनपद के समस्त अभ्यर्थियों से भाग लेने को कहा गया है।

Source - Amar Ujala
30-10-2012

UPTET - टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

UPTET - टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
भत्ता नहीं रोजगार चाहिए, नहीं तो आंदोलन

•आवेदनपत्र के साथ लिए गए सौ रुपए वापस करने की मांग की
•विरोध स्वरूप ज्यादातर युवाओं ने काले कपड़े पहन रखे थे 


चित्रकूट। उत्तर प्रदेश टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की चित्रकूट इकाई ने सोमवार को भी सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी भत्ता नहीं रोजगार चाहिए के नारे लगाते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी नियुक्ति की मांग करते हुए एसडीएम के द्वारा मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन भेजा। विरोध स्वरूप ज्यादातर युवाओं ने काले कपडे़ पहन रखे थे अन्यथा काले रंग के कपडे़ की पट्टी बांधकर विरोध जताया।

टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा कि लगभग तीन लाख उत्तीर्ण अभ्यर्थी पिछले एक साल से अपनी नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा आवेदनपत्र के साथ लिए गए सौ रुपए के ड्राफ्ट को कैंसिल कर बेरोजगारों को उनका आवेदन शुल्क वापस करने की मांग की। संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आलोक कुमार पांडे ने कहा कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी जनआंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस अवसर पर रविकुमार, कमलेश कुमार, बीरेंद्र सिंह, अमृतलाल, कुंवर सिंह, चंद्रभूषण सिंह, सुरेंद्र रैकवार, अवधराज, रामदयाल आदि मौजूद रहे
।



Source - Amar Ujala
30-10-2012

UPTET - टीईटी भ्रष्टाचार का मामला भी उठेगा

UPTET - टीईटी भ्रष्टाचार का मामला भी उठेगा
फर्रुखाबाद। टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के सदस्य अरविंद केजरीवाल के सामने टीईटी भ्रष्टाचार का मामला भी उठाएंगे। टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैठक लक्ष्मण सिंह के साथ हुई। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि टीईटी उत्तीर्ण होने वालों के साथ धोखा नहीं होने दिया जाएगा। संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार से जब भी हक मांगा तो लाठी मिली। अब यह लड़ाई केजरीवाल को सौंपी जाएगी। इस दौरान अनुज कटियार, रवीन्द्र दिवाकर, आलोक पाल, राकेश वाजपेई, अनिल कश्यप, कंचन कटियार, सुखवीर पाल, देवानंद सिंह, संदीप, आलोक दीक्षित, प्रदीप सिंह, पवन पाल, कर्मवीर सिंह, सुशील गुप्ता आदि मौजूद रहे

Source - Amar Ujala
30-10-2012

UPTET - टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन

UPTET - टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन
आजमगढ़। बीएड, टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा ने शहीद कुंवर सिंह उद्यान गेट पर सोमवार को प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। बीएड डिग्री धारकों ने प्रदेश सरकार से सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु यथाशीघ्र विज्ञापन निकलवाने की मांग की।
टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकों का कहना है कि वह एक वर्ष से शिक्षक बनने की आस में बैठे हैं। पहले उच्च न्यायालय द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गयी थी, लेकिन अब उच्च न्यायालय और एनसीटीई से प्रतिबंध हटने के बाद भी शिक्षक भर्ती विज्ञापन में टाल मटोल किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के शासनकाल में बेरोजगार युवा खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। डिग्री धारकों ने मुख्यमंत्री से तत्काल विज्ञापन प्रकाशित कर उनकी नियुक्ति करने की मांग की
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Source - Amar Ujala
29-10-2012

Tuesday, 30 October 2012

BTC- बीटीसी प्रशिक्षितों में बेचैनी बढ़ा दी

BTC- बीटीसी प्रशिक्षितों में बेचैनी बढ़ा दी

जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से दरकिनार होने की आशंका ने बीटीसी प्रशिक्षितों में बेचैनी बढ़ा दी है। अब अक्टूबर रिजल्ट घोषित होने की संभावना खत्म हो गई है। इससे क्षुब्ध होकर वे अब सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में जुटे हैं। मंगलवार को बीटीसी प्रशिक्षितों ने सभी जिलों के अभ्यर्थियों की मीटिंग बुलाई है। इसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
प्रदेश में बीटीसी-2010 बैच के करीब 15,000 अभ्यर्थी हैं। इनमें अधिकांश टीईटी भी उत्तीर्ण हैं। आवेदन करने का मौका मिलने पर वे अपना चयन तय मान रहे हैं, लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षा का रिजल्ट अधर में पड़ जाने से उनकी यह मंशा पूरी होती नहीं प्रतीत हो रही है। इस माह के पहले हफ्ते में उन्होंने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की सचिव को ज्ञापन देकर अक्टूबर तक रिजल्ट घोषित करने का अनुरोध किया था। सचिव ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अभी तक कई जिलों से प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक ही नहीं आ पाए हैं। कुछ जिलों में बा परीक्षा के ही अंक आ सके हैं। विभागीय अधिकारी स्वीकार करते हैं कि नवंबर के प्रथम सप्ताह तक रिजल्ट आ पाना मुश्किल है।

Source - Jagran
30-10-2012

BTC - निजी बीटीसी कॉलेजों में छात्र आवंटन की खत्म होगी वेटिंग

BTC - निजी बीटीसी कॉलेजों में छात्र आवंटन की खत्म होगी वेटिंग
प्रदेश में बीटीसी सत्र नियमित करने के लिए लागू की जा रही नई व्यवस्था
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शैलेंद्र श्रीवास्तव
लखनऊ। निजी बीटीसी कॉलेजों को छात्र आवंटन के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सत्र शुरू होने से पहले निजी संस्थाओं को कोर्स संचालन के लिए संबद्धता देने के बाद छात्रों का आवंटन किया जाएगा। शासन स्तर पर इस संबंध में सहमति बन गई है और शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। शासन के उच्चाधिकारियों का मानना है कि संबद्धता प्रक्रिया समय से पूरी होने के बाद ही छात्र आवंटन की वेटिंग खत्म होगी। मौजूदा समय निजी कॉलेजों को संबद्धता मिलने के बाद छात्रों के आवंटन का इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि निजी संस्थाएं छात्रों को सीधे प्रवेश नहीं दे सकती हैं। प्रदेश में बीटीसी सत्र नियमित न होने की वजह से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है और इसके चलते बीएड डिग्रीधारकों को विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग देकर शिक्षक बनाना पड़ रहा है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। प्रदेश में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के साथ निजी कॉलेजों में बीटीसी कोर्स चल रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2010 से निजी कॉलेजों को बीटीसी कोर्स शुरू करने की अनुमति दी गई है। निजी संस्थाओं को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता लेने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से संबद्धता लेना होता है। एससीईआरटी कॉलेजों को एक वर्ष के लिए संबद्धता देता है। संबद्धता देने के लिए समय सीमा निर्धारित न होने की वजह साल भर यह प्रक्रिया चलती रहती है। इसलिए संबद्धता मिलने के बाद निजी कॉलेजों को छात्र आवंटन के लिए इंतजार करना पड़ता है। प्रदेश में मौजूदा समय 98 निजी बीटीसी कॉलेज हैं। इसके अलावा 100 से अधिक कॉलेजों को संबद्धता देने की प्रक्रिया विचाराधीन है। प्रत्येक निजी कॉलेजों में 50-50 बीटीसी की सीटें हैं। शासन स्तर पर हुई बैठक में तय किया गया है कि अब कॉलेजों को संबद्धता यानी जुलाई से पहले दी जाएगी और इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शासन ने इसके लिए एससीईआरटी से पूरा विवरण भी मांगा है कि संबद्धता के लिए किस वर्ष कितने आवेदन आए और इसमें से कितने पात्र पाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी कर दिया जाएगा ताकि आगामी वर्ष से बीटीसी सत्र को नियमित किया जा सके।
•उच्चाधिकारियोंकी बैठक में बनी सहमति शासनादेश शीघ्र


Source - Amar Ujala
30-10-2012

केंद्र को भेजेंगे 1457 नए हाईस्कूलों का प्रस्ताव

केंद्र को भेजेंगे 1457 नए हाईस्कूलों का प्रस्ताव

जाब्यू, लखनऊ : राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत वित्तीय वर्ष 2012-13 में राज्य की ओर से केंद्र को सूबे में 1457 नए राजकीय हाईस्कूल की स्थापना का प्रस्ताव भेजा जाएगा। फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उप्र माध्यमिक शिक्षा अभियान परिषद के शासी निकाय की सोमवार को हुई बैठक में किया गया। सरकार की मंशा है कि नए हाईस्कूल असेवित क्षेत्रों, खास तौर पर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में स्थापित किए जाएं। शासी निकाय ने आरएमएसए के तहत 2011-12 में स्वीकृत 449 हाईस्कूलों में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के 4938 पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। प्रत्येक हाईस्कूल में प्रधानाचार्य के एक, सहायक अध्यापक के सात, कनिष्ठ लिपिक के एक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के दो पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। शासी निकाय ने 2010-11 में प्रदेश में स्वीकृत 148 मॉडल स्कूलों में शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पदों के सृजन के प्रस्ताव पर विचार तो किया पर उसे मंजूरी नहीं दी। मॉडल स्कूल में सिर्फ एक वर्ग (कला/विज्ञान) की कक्षाएं संचालित करने के लिए जो न्यूनतम स्टाफ निर्धारित किया गया है उसमे प्रधानाचार्य का एक, प्रवक्ता के पांच, सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) के सात, अपर डिवीजन क्लर्क का एक और समूह घ के चार पद हैं। योजना के तहत इन पदों के लिए सालाना वेतन 75 लाख रुपये तय किया गया है जबकि वेतन पर असल खर्च सालाना 92 लाख रुपये होगा। यदि कला और विज्ञान दोनों वर्ग की कक्षाएं संचालित की जाएंगी तो स्टाफ बढ़ेगा और वेतन पर प्रति वर्ष तकरीबन सवा करोड़ रुपये खर्च होगा। बैठक में यह तय हुआ कि इन पदों के सृजन के प्रस्ताव को स्वीकृति देने से पहले इन पदों पर नियुक्त किये जाने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन के लिए निर्धारित धनराशि को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाए। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत यह तय किया गया है कि आरएमएसए के तहत स्वीकृत निर्माण कार्य तथा मॉडल स्कूलों व बालिका छात्रावासों को बनाने के लिए कार्यदायी संस्थाओं के चयन का अधिकार अब शासन स्तर की बजाय जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला शिक्षा परियोजना समिति को दे दिया जाए। संस्था वित्त विभाग से अनुमोदित होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने आरएमएसए के तहत संचालित 105 विद्यालय भवनों का निर्माण नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया। पूरे हो चुके 35 विद्यालयों के भवनों को तत्काल हस्तांतरित कर उनमें कक्षाएं संचालित करने का भी निर्देश दिया।

Source - Jagran

UPTET - नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करे सरकार

UPTET - नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करे सरकार


आजमगढ़: बीएड टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैठक सोमवार को कुंवर सिंह उद्यान में हुई। इसमें टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकों के लिए प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि पहले सरकार न्यायालय से प्रतिबंध लगने का बहाना कर रही थी। अब न्यायालय और एनसीटीई से प्रतिबंध हटने के बाद भी भर्ती का विज्ञापन नहीं निकाला जा रहा है। बेरोजगार युवकों का उत्पीड़न कर सरकार अच्छा नहीं कर रही है। यदि सरकार विज्ञापन जारी नहीं करती है तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर श्रीश यादव, हंसराज यादव, हौशिला प्रसाद कु शवाहा, सुभाष चंद, दिनेश, विजय गुप्ता, विशाल, रेयाज अहमद आदि उपस्थित थे।

Source - Jagran
29-10-2012

UTTARAKHAND TET - टीईटी की बाध्यता खत्म की जाए

UTTARAKHAND - टीईटी की बाध्यता खत्म की जाए


रामनगर: प्रशिक्षित स्नातक बेरोजगार संगठन ने टीईटी की बाध्यता को समाप्त करने की मांग की है। संगठन ने एलान किया कि यदि बाध्यता समाप्त न की गई और पूर्व की भांति नियुक्ति नहीं की गई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
विकास भवन मालधन में सुनील कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि टीईटी 2011 में लागू हुई थी, इसलिए प्रशिक्षित बेरोजगारों को शासन से 2011 तक टीईटी में छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने एक स्वर में आउट सोर्सिग के माध्यम से नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि यदि सरकार आउट सोर्सिग से ही पद भर रही है तो उसे राज्य में बीएड कालेज खुलवाने की क्या आवश्यकता है। प्रशिक्षित स्नातक बेरोजगार युवकों के साथ अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में सोहन लाल, अनिल कुमार, प्रमोद कुमार, इंद्रा, शालिनी, चंद्रप्रकाश, राधेश्याम, बलवंत, अनिल कुमार, जयप्रकाश, राधारानी, सुनील, सहदीप, अनिल, कविता, नंदकिशोर, मंजू कन्नौजिया, प्रकाश चंद्र, रमेश, राजेंद्र ने विचार रखे।

Source - Jagran
29-10-2012

UPTET - टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को कब मिलेगी नियुक्ति

UPTET - टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को कब मिलेगी नियुक्ति

मैनपुरी: शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए भर्ती प्रक्रिया में न्यायालय द्वारा तारीख पर तारीख मिल रही हैं। वहीं शासन अपना स्पष्टीकरण कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर रहा है, जिससे टीईटी अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया की राह खुल सके लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका है।
उल्लेखनीय है कि टीईटी अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला अभी भी न्यायालय की दहलीज पर न्याय की आस में है जबकि शासन अब तक अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर सका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि शासन अपना एक निर्णय ले कि शिक्षकों की नियुक्ति गुणांक के आधार पर करनी है या बीएड की मैरिट के आधार पर। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी करीब एक वर्ष से नियुक्ति के इंतजार में है लेकिन शासन नियुक्ति प्रक्रिया का कोई खाका तैयार नहीं कर सका है जिससे 2 लाख 75 हजार परीक्षार्थी मारे-मारे फिर रहे हैं।
बता दें कि तत्कालीन बसपा सरकार ने नियुक्ति को टीईटी की मैरिट के आधार पर भर्ती की बात कही थी। जबकि उच्च स्तर पर धांधली के चलते वर्तमान सरकार ने टीईटी के साथ-साथ सामान्य वर्ग के परीक्षार्थियों के लिए 90 अंक, अन्य पिछड़े वर्ग व अनुसूचित जाति के परीक्षार्थियों के लिए 83 अंकों को पात्रता का आधार बनाया है। इसके अलावा नियुक्ति को हाईस्कूल के 10 प्रतिशत, इण्टर के 20 प्रतिशत, स्नातक के 40 प्रतिशत तथा बीएड थ्योरी व प्रयोगात्मक में प्रथम पर 12-12 अंक, द्वितीय श्रेणी में 6-6 अंक दिए जाएगे और तृतीय श्रेणी में 3-3 अंक दिए जाने पर सहमति बनी थी लेकिन अब सरकार ने विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया में बीएड के अंकों को जोड़ने का सुझाव एनसीआरटी से मांगा है। जिससे टीईटी अब सिरदर्द बन गयी है। जिससे टीईटी परीक्षार्थियों को न्यायालय से भी निराशा ही मिल रही है।
फिलहाल न्यायालय द्वारा सुनवाई की तारीख 6 नवम्बर कर दी गई है जबकि बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए वही शिक्षक पात्रता परीक्षा मान्य हो गयी है। जिसके लिए नियुक्ति का शासनादेश भी जारी हो चुका है। जिससे यह तो स्पष्ट है कि शासन ने वर्तमान शिक्षक पात्रता परीक्षा को बहाल कर दिया। बीएड टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें भी न्यायालय व सरकार राहत देकर नियुक्ति दे। जिसमें निर्देश कुमार, बृजेश कुमार, शैलेंद्र यादव, ऋषि मिश्रा, हिमांशी यादव, विकास यादव, माधवेंद्र सिंह, सरिता चौहान, अभिषेक यादव आदि शामिल हैं।

Source - Jagran
29-10-2012