बीटीसी 2001 और टीईटी 2011 में समानता
बी टी सी 2001
पदों के लिए निकाला गया शासनादेश- 26-11-2001 (सरकार- भाजपा 28 -10 -2000 से 8 -3 -2002 )
बिज्ञापन - 1-12-2001
अंतिम तिथि - 15-12-2001
फॉर्म की संख्या - 1162963
परीक्षा - 28-4-2002
धांधली विवाद शुरू
प्रवेश परीक्षा परिणाम - 3-7-2003 (सरकार- बसपा 3 -5 -2002 से 29 -8 -2003 )
बी टी सी कोर्स शुरू
बी टी सी अंतिम परीक्षा - जनवरी 2005 (सरकार-सपा 29 -8 -2003 से 13 -5 -2007 )
फिर धांधली के आरोप - फ़रवरी 2005
जाँच शुरू - फ़रवरी 2005 by (Vigilance Department)
जाँच की रिपोर्ट - 23-7-2005
रिपोर्ट में कहा गया - बड़ी मात्र में अनियमितताए
डायरेक्टर सस्पेंडेड
शासन का आदेश - 20 -10 -2005 प्रवेश परीक्षा निरस्त,
(सरकार सपा की )
और जो अभ्यर्थी बी टी सी
कर रहे थे उनकी दो साल की ट्रेनिंग को मान लिया जायेगा यदि
वे 2005 में आयोजित बीटीसी परीक्षा में पास होते है तो
- 5000 छात्रो का भविष्य अधर में
न्यायलय का अंतिम निर्णय - जो छात्र फर्जी तरीके से पास हुए केवल उन्हें वाहर का रास्ता दिखया
जाये न कि पूरी परीक्षा निरस्त कि जाये ।
और सरकर द्वारा निरस्त की गयी परीक्षा को फिर से बहाल कर
दिया गया ।
नौकरी - 2009 तक सभी को नौकरी दे दी गयी ।
टीईटी 2011
शिक्षक नियमावली 1981 में बरवां संसोधन - 9 -11 -2011 (शिक्षको की भर्ती टीईटी अंको के आधार पर
होगी )(सरकार बसपा की)
परीक्षा - 13 -11-2011 (सरकार बसपा की)
परीक्षा परिणाम - 25 -11-2011 (सरकार बसपा की )
नौकरी के लिए आवेदन - 30 -11 -2011 से(सरकार बसपा की )
आवेदन कि अंतिम तिथि - 19 -12 -2011 (सरकार बसपा की )
विज्ञापन बिबाद पर मामला पंहुचा हाईकोर्ट
हाई कोर्ट द्वारा विज्ञापन रद्द - 12 -12 -2011
नया विज्ञापन - 19 -12 -2011
19-12-2011 तक हाईकोर्ट में 79 मामले टेट के खिलाफ (टेट मेरिट से भर्ती आदि को लेकर )
ज्यादातर मामले डिसमिस
हाई कोर्ट द्वारा रिजल्ट में संशोधन का आदेश - 21 -12 -2011
हाईकोर्ट में नया मामला - 21 -12 -2011 कहा गया की विज्ञापन बीएसए के द्वारा निकाला जाना था
जबकि विज्ञापन बेसिक शिक्षा बोर्ड ने निकाला।
रिजल्ट में धांधली कराने के नाम कानपुर देहात पुलिस ने चार लोगो को 78 लाख के साथ पकड़ा - 31 -12 -2011 (चुनाव आचार संहिता )
भर्ती पर स्टे - 4 -1 -2012 (विज्ञापन विवाद पर )
डायरेक्टर (माध्यमिक शिक्षा परिषद् गिरफ्तार)
चुनाव - फ़रवरी 2012
और अब तक
टीईटी निरस्त करने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद् ने शाशन को प्रस्ताव भेजा जब कि मामला अभी कोर्ट में लंबित है -------
आप लोग अपनी राय कम्मेंट के द्वारा अवश्य दे।
धन्यवाद
बी टी सी 2001
पदों के लिए निकाला गया शासनादेश- 26-11-2001 (सरकार- भाजपा 28 -10 -2000 से 8 -3 -2002 )
बिज्ञापन - 1-12-2001
अंतिम तिथि - 15-12-2001
फॉर्म की संख्या - 1162963
परीक्षा - 28-4-2002
धांधली विवाद शुरू
प्रवेश परीक्षा परिणाम - 3-7-2003 (सरकार- बसपा 3 -5 -2002 से 29 -8 -2003 )
बी टी सी कोर्स शुरू
बी टी सी अंतिम परीक्षा - जनवरी 2005 (सरकार-सपा 29 -8 -2003 से 13 -5 -2007 )
फिर धांधली के आरोप - फ़रवरी 2005
जाँच शुरू - फ़रवरी 2005 by (Vigilance Department)
जाँच की रिपोर्ट - 23-7-2005
रिपोर्ट में कहा गया - बड़ी मात्र में अनियमितताए
डायरेक्टर सस्पेंडेड
शासन का आदेश - 20 -10 -2005 प्रवेश परीक्षा निरस्त,
(सरकार सपा की )
और जो अभ्यर्थी बी टी सी
कर रहे थे उनकी दो साल की ट्रेनिंग को मान लिया जायेगा यदि
वे 2005 में आयोजित बीटीसी परीक्षा में पास होते है तो
- 5000 छात्रो का भविष्य अधर में
न्यायलय का अंतिम निर्णय - जो छात्र फर्जी तरीके से पास हुए केवल उन्हें वाहर का रास्ता दिखया
जाये न कि पूरी परीक्षा निरस्त कि जाये ।
और सरकर द्वारा निरस्त की गयी परीक्षा को फिर से बहाल कर
दिया गया ।
नौकरी - 2009 तक सभी को नौकरी दे दी गयी ।
टीईटी 2011
शिक्षक नियमावली 1981 में बरवां संसोधन - 9 -11 -2011 (शिक्षको की भर्ती टीईटी अंको के आधार पर
होगी )(सरकार बसपा की)
परीक्षा - 13 -11-2011 (सरकार बसपा की)
परीक्षा परिणाम - 25 -11-2011 (सरकार बसपा की )
नौकरी के लिए आवेदन - 30 -11 -2011 से(सरकार बसपा की )
आवेदन कि अंतिम तिथि - 19 -12 -2011 (सरकार बसपा की )
विज्ञापन बिबाद पर मामला पंहुचा हाईकोर्ट
हाई कोर्ट द्वारा विज्ञापन रद्द - 12 -12 -2011
नया विज्ञापन - 19 -12 -2011
19-12-2011 तक हाईकोर्ट में 79 मामले टेट के खिलाफ (टेट मेरिट से भर्ती आदि को लेकर )
ज्यादातर मामले डिसमिस
हाई कोर्ट द्वारा रिजल्ट में संशोधन का आदेश - 21 -12 -2011
हाईकोर्ट में नया मामला - 21 -12 -2011 कहा गया की विज्ञापन बीएसए के द्वारा निकाला जाना था
जबकि विज्ञापन बेसिक शिक्षा बोर्ड ने निकाला।
रिजल्ट में धांधली कराने के नाम कानपुर देहात पुलिस ने चार लोगो को 78 लाख के साथ पकड़ा - 31 -12 -2011 (चुनाव आचार संहिता )
भर्ती पर स्टे - 4 -1 -2012 (विज्ञापन विवाद पर )
डायरेक्टर (माध्यमिक शिक्षा परिषद् गिरफ्तार)
चुनाव - फ़रवरी 2012
अखिलेश यादव द्वारा चुनाव प्रचार में घोषणा - यदि सपा की सरकार आई तो टेट निरस्त होगा
सपा की सरकार बनी - 15 -3 -2012
और अब तक
टीईटी निरस्त करने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद् ने शाशन को प्रस्ताव भेजा जब कि मामला अभी कोर्ट में लंबित है -------
क्या सपा सरकार केवल नक़ल पर विश्वास रखती है ? क्या इससे जलन की भावना नज़र नही आती ? सपा की सरकार ने बदले की भावना से बी टी सी 2001 को निरस्त किया और अब टेट 2011 निरस्त करना चाहती है क्या इन नेताओ की राजनीति में लोग ऐसे ही पिसते रहेंगे सायद इनकी सुनने वाला इस लोकतंत्र में कोई नही है।
आप लोग अपनी राय कम्मेंट के द्वारा अवश्य दे।
2 comments:
jab har budhwar ko c.m. Janta darbar lagate hain to aap tet candidates wahin par kyo nahi jakar apni samasya unke samne rakhte?
sale b.p.ed wale to aasani se jakar c.m. Se mil lete hain or tum tet walo ki samasya anshan krne se bhi is kamini srkar ke samne nahi aati.
Itni gandi rajniti, or wo bhi Gandhi Ji ke desh me,
Kya yahi rajniti sikha kar gaye hain Swargiye Lohiya ji is s.p. Ko?
Sharm aani chahiye esi govt. Ko.
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