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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षक भर्ती की तैयारी शुरू ***चुनावी गणित में भावी शिक्षकों पर भी डोरे *** :----

Wednesday, 12 September 2012

BTC - बीटीसी ट्रेनिंग के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन

UPTET - टीईटी - TET

BTC - बीटीसी ट्रेनिंग के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन


जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बीटीसी ट्रेनिंग सत्र 2012 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। यह पहला मौका है जब बीटीसी चयन के लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। बीटीसी चयन 2012 के बारे में बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
शासनादेश के मुताबिक ट्रेनिंग के लिए अभ्यर्थियों को अपने निवास के जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आवेदन करना होगा। प्रदेश के उन जिलों, जहां स्थापित डायट को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से बीटीसी सीटों की मान्यता प्राप्त नहीं है या वे नवसृजित जिले जिनमें डायट की स्थापना नहीं हो सकी है, उनमें रहने वाले अभ्यर्थी अपने निवास से संबंधित उस जिले में आवेदन करेंगे, जिस अविभाजित पूर्व/मूल जिले का वह हिस्सा है
बीटीसी ट्रेनिंग 2012 में स्नातक शिक्षामित्रों का 10 फीसद सीटों का कोटा खत्म कर दिया गया है। राज्य सरकार ने स्नातक शिक्षामित्रों के दूसरे बैच की दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी ट्रेनिंग इसी साल से शुरू करने का फैसला किया है। इसलिए स्नातक उत्तीर्ण शिक्षामित्रों के लिए बीटीसी की सीटों में 10 प्रतिशत कोटा समाप्त कर दिया गया है।

Source -Jagran
12-9-2012

24 comments:

PRABHAT DIXIT (BLOG EDITOR) said...

Dear Bharat ji apne vicharon ko express karne ki poori azadi h aapke paas. ab mai aapko ek example deta hu pls ise bina kisi bhed bhav v lalach ke samjhe.
Ex- Bharat ji maan lejiye aap ki age 21 years ho aur aane wale vigyapan me aap form dalte h aur aapko pata h ki aapka selection acdemic se sure ho jayega. aur ye process 10 mahine tak chale aur 10 mahine baad govt academic wale vigyapan ko radd karke ek naya vigyapan nikalti h jisme selection ka aadhar variyata kram (year wise) kar deti. jisme aapka selection nhi hoga. us samay apko kaisa lagega pls us pal ko feel karke dekhe. sure aapke liye vo din sabse kharab hoga. mai god se pray karooga ki jo din tet merit holders ke life me aaya h vo aapke jeevan me kabhi n aaye.
thnx

PRABHAT DIXIT (BLOG EDITOR) said...

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1-click on + in chat box
2-register your user name and password
3-type message and press ENTER

thnx

PRABHAT DIXIT (BLOG EDITOR) said...

You can send any important news at

uptetbreakingnews@gmail.com



thnx

D.K said...

prabhat ji, kya mayawati ne niyamo k sath chedchad karke sahi kiya tha. Is bharti me aapne btc4 walo ka jikr to suna hi hoga. Kya aap jante h ki unke sath is mayawati ke niyamo me chedchad ki vajah se kitna anyay kiya h. Btc4 walo k sath k aadhe se jyada ko july 11 me joining de di.
Jabki bache huo se keh diya ki tumhara tet hoga. Chalo un bache hue me se b aadho ne tet clear kar liya tab b unko 72825 me form bharwaye gaye. Aap hi bataiye ki ye kaha ka nyay h ki jo training le chuke h kya unhe b untrained k sath merit me samil kiya jaye.
Aapko kya vo vigyapan sahi laga tha. Jab koi sahi kar raha h to usko galat bataya ja raha h.
Ek baat aur yadi ye gov chahti to tet 11 ko cancel b kar sakti thi lekin nahi kiya kyoki vo sabka bhala chah rahi h.
Rahi baat bharti prikriya ki to gov ko jab ncte time badha dega tabhi suru kara degi.

yes said...

prabhatji apne sahi udhaharan deker samjaya lekin har insaan wahi sunana chahata hai jo wo chahata hai yahi baat muskan ne kahi to logo ne use bhi gaali dena suru kar diya balki usne bhi sahi baat ka saath diya adaalat me kanooni pechidgiyaan paida kar sarkar bhale hi manmani kar le lekin sachchai sabhi jaante hai aur antim faisla supreme court hi karegi kyonki akhri vikalp ke baad hi insaan saant baithata hai mere yaa apke kehne se koi chup nahi bathega.aapka drastikond nispaksh hai isliye aap badhaiye ke patra hai bas isi tarah jaankari share karna jaari rakhe aapka bahut bahut dhanyawad

SHIV KUMAR tomar said...

Blog editer,Please give the official source of 15th amendment.

SHIV KUMAR tomar said...

Blog editer, please tell me that recruitment in basic school specially in junior high school working under management body has opened or not .

Abhinay said...

शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन अगले माह!
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। बेसिक स्कूलों में शिक्षक भर्ती मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शिक्षकों की भर्ती के लिए सितंबर के अंत तक विज्ञापन निकालने और अक्टूबर से आवेदन लेने पर सहमति बनी है। आवेदन की तिथि समाप्त होते ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी जिससे नवंबर में ही शिक्षकों को ज्वाइनिंग दे दी जाए। अभ्यर्थियों को कितने जिलों में आवेदन की छूट होगी, यह तय किया जाना बाकी है।
हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बुधवार कोबैठक की। इसमें बताया गया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक पद पर भर्ती के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस संबंध में शीघ्र ही लिखित आदेश मिल जाएगा। इसलिए हाईकोर्ट के निर्देशानुसार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयारियां शुरू की जाएं। सूत्रोंका कहना है कि बैठक में सहमति बनी कि एनसीटीई से अनुमति मिलने के तुरंत बाद इसी माह भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन निकालदिया जाए और अक्तूबर में आवेदन लेने की अंतिम तारीख रखी जाए। आवेदन पत्रों की छंटाई व जांच के बाद काउंसलिंग नवंबर के दूसरे हफ्ते तक पूरी करने के साथ ज्वाइनिंग शुरू कर दी जाए।
गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद टीईटी पास करने वाले ही शिक्षक भर्ती केलिए पात्र माने गए हैं। एनसीटीई ने इसके आधार पर राज्यों को 1 जनवरी 2012 तक शिक्षकों की भर्तीकी अनुमति दी थी। यूपी में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए, लेकिन तय समय के अंदर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसलिए राज्य सरकार ने 31 मार्च 2015 तक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी। सूत्रों का कहना है कि एनसीटीई 31मार्च 2014 तक अनुमति देने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। एनसीटीई ने अधिसूचना जारी करने के लिए विधि विभाग से राय मांगी है।

Abhinay said...

रिक्त ढाई लाख पदों पर हो शिक्षकों की भर्ती
Updated on: Wed, 12 Sep 2012 11:12 PM (IST)
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों का अभाव
जागरण संवाददाता, बबराला : विद्यालयों में शिक्षकों का अभावहै। ऐसे साक्षरता का लक्ष्य कैसे पूरा हो सकता है। बीएड डिग्रीधारियों ने मुख्यमंत्री से शिक्षकों के रिक्त ढाई लाख पदों पर भर्ती की मांग की है।
बैठक में बीएड डिग्रीधारियों ने कहा कि साक्षरता दिवस बीत गया है लेकिन राज्य में निरक्षरों की संख्या पांच करोड से अधिक है। ऐसेमें साक्षरता दर को ऊपर उठाने के वास्तविक प्रयास सरकार को करने होंगे। विद्यालयों में शिक्षकों का अभाव है। एक दो शिक्षक ही पूरा कार्य व अध्यापन करा रहे हैं। प्राथमिक स्तर पर राज्य में ढाई लाख शिक्षकों के अभाव का अनुमान है जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी एक लाख शिक्षकों का अभाव है।
राज्य सरकार छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र बीएडडिग्रीधारियों को शिक्षक नियुक्त करे जिससे उच्च गुणवत्ताके साथ अध्यापन कार्य हो सके। रिक्त पड़े पदों के अनुसार सरकार भर्ती प्रक्रिया आरंभ करे। बैठक में संजय शर्मा, अनुरुद्ध कुमार, शैलेंद्र, राजेश कुमार, मुकेश, निशांत बंसल, रोहिताश, किशन पाल आदि उपस्थित थे।

Abhinay said...

बीटीसी के लिए होगा ऑनलाइन आवेदन
शासनादेश जारी, मेरिट से होगा पात्रों का चयन
शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन अगले माह!
• अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। बेसिक टीचर सर्टिफिकेट (बीटीसी) कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। एक अभ्यर्थी को एक ही जिले में आवेदन की छूट होगी। स्नातक में 50 फीसदी अंक पाने वाले ही बीटीसी में आवेदन केपात्र होंगे। आरक्षित वर्ग को अंक में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके लिए 18 से 30 वर्ष कीआयु वाले पात्र होंगे। एससी, एसटीव ओबीसी को 5 वर्ष और नि:शक्तों कोआयु सीमा में 15 वर्ष की छूट दी जाएगी। चयन हाईस्कूल, इंटरमीडिएटव स्नातक की मेरिट से किया जाएगा।जिला स्तरीय कमेटी ही निजी कॉलेजों को छात्र आवंटित करेगी। अल्पसंख्यक संस्थाएं अब 50 फीसदीसीटें सीधे भर सकेंगी और 50 फीसदीसीटों पर एडमिशन जिला स्तरीय कमेटी देगी। अभी तक ये संस्थाएं पूरी सीटों पर भर्ती करती थीं। शिक्षा मित्रों के लिए 10 फीसदी आरक्षित सीटों का कोटा समाप्त कर दिया गया है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने इस संबंध में बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को तीन दिन के अंदर आवेदन के लिए विज्ञापन निकालना होगा।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता बीटीसी है। प्रदेश में मौजूदा समय सरकारी कॉलेजों में 10 हजार 400 और 68 निजी कॉलेजों में 3400सीटें हैं। शासनादेश के मुताबिक इस कोर्स के लिए पहली बार ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। एससीईआरटी वेबसाइट का नाम विज्ञापन में जारी करेगा और इसे ई-आवेदन पत्र के नाम से जाना जाएगा। अभ्यर्थी को अपने निवास के जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आवेदन करना होगा और एडमिशन के समय निवास प्रमाण पत्र देना होगा। जहां डायट नहीं है, उसके पूर्ववर्ती जिलों की आधी सीटें उस जिले के लिए आवंटित की जाएंगी और अभ्यर्थियों को आवेदन पूर्ववर्ती जिले की डायट के लिए करना होगा।
बीटीसी प्रशिक्षण की 50 फीसदी सीटें महिला और 50 फीसदी पुरुष केलिए आरक्षित होंगी। इसमें 50 फीसदी कला और 50 फीसदी विज्ञान वर्ग से भरी जाएंगी। एससी/एसटी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 200 और अन्य के लिए 400 रुपये लगेगा। इसके लिए ई-चालान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के किसी भी शाखा में जमा किया जा सकेगा। चयन प्रक्रिया के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इसके सदस्य तथा डायट प्राचार्य सदस्य सचिव होंगे। चार सेमेस्टर में पूरा कोर्स समाप्त किया जाएगा और इसके लिए 4600 रुपये प्रति वर्ष फीस ली जाएगी। निजी कॉलेजों की फीस बाद में तय की जाएगी।

Abhinay said...

फर्जी प्रमाण पत्रों पर बने गुरुजी
हाथरस (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा विभाग में अब एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर चार शिक्षकों ने विभाग में नौकरी पा ली। सत्यापन में तीन शिक्षकों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तथा एक के इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इन चारों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सत्यापन में हुआ खुलासा

Abhinay said...

प्रशिक्षुओं को टीईटी से छूट पर विचार
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को शासन शिक्षकों की भर्ती में अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट देने पर विचार कर रहा है। यदि शासन की योजना कारगर रही तो विशिष्ट बीटीसी 2004, 2007 तथा विशिष्ट बीटीसी 2008 के सामान्य व विशेष चयन के दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों के लिए टीईटी उत्तीर्ण की अनिवार्यता बिना शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शैक्षिक अर्हता बीटीसी है। शिक्षकों की कमी से निपटने के लिएराज्य सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से 2004, 2007 व 2008 में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण की मंजूरी ली थी। विशिष्ट बीटीसी के तहत बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को छह महीने का प्रशिक्षण देकर उन्हें शिक्षक नियुक्त किया जातारहा है। विशिष्ट बीटीसी के इन बैचों के कुछ अभ्यर्थियों को कुछ कमियों का हवाला देकर ट्रेनिंग से रोक दिया गया था। बाद में कोर्ट के निर्देश से ट्रेनिंग पूरी कराई गई। जब इन ट्रेनिंग पूरी हुई तो इन्हें यह कहकर नियुक्ति देने से मना कर दिया अब नियुक्ति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। टीईटी से छूट देने की विशिष्ट बीटीसी के अभ्यर्थियों की गुहार को अब तक अनसुना करने वाला बेसिक शिक्षा विभाग सूबे में निजाम बदलने के बाद अब इन अभ्यर्थियों को टीईटी से छूट दिलाने के बारे में नए सिरे से तर्क गढ़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तर्क यह दिया जा रहा है कि इन अभ्यर्थियोंको छह महीने का प्रशिक्षण देकर शिक्षक नियुक्त करने संबंधी विज्ञापन 23 अगस्त 2010 को जारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना के पहले प्रकाशित कर दिए गए थे। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें हर महीने 2500 रुपये प्रति माह मानदेय भी दिया गया। विशिष्ट बीटीसी 2004, 2007 व 2008 के प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों काचयन शिक्षकों के मूल पद के सापेक्ष किया गया था। इसलिए 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना की धारा-5 के तहत इन अभ्यर्थियों को शिक्षकों की भर्ती में टीईटी से छूट दी जा सकती है। इस संबंध में न्याय विभाग से परामर्श भी लिया गया है। हालांकि इसमें भी पेच है।जब बेसिक शिक्षा विभाग ने इन अभ्यर्थियों को टीईटी से छूट देने से मना कर दिया था तो कुछ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इनकी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। याचिकाओं की सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग ने इन अभ्यर्थियों को टीईटी से छूट न देने के बारे में तब कुछ और दलील दी थी। विभाग के सामने पसोपेश यह है कि अपने कहे को अब बदले कैसे।

Abhinay said...

7.8 लाख अभ्यर्थियों ने कराया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
जागरण संवाददाता, लखनऊ : डाक भर्ती फार्मों की भारी मांग के चलते डाक विभाग द्वारा की गई आन लाइन व्यवस्था भी कारगर नहीं है। हालात यह हैं कि एक सप्ताह में 7.8लाख अभ्यर्थियों ने घंटों माथा पच्ची करके फार्म के लिए आनलाइन पंजीयन कराया। लेकिन सर्वर की क्षमता कम होने से एक दिन में 70 हजार फार्म ही डाउनलोड हो पा रहे हैं। गत पांच सितंबर को आन लाइन कराये गए पंजीयन के फार्म 11 सितंबर को प्राप्त (डाउन लोड) हो रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि डाक विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के डाकघरों में फार्मों का वितरण अन्तिम तिथि 25 सितंबर से कई दिन पहले ही बन्द कर दिया। दूसरे सर्वर की क्षमता कम होने सेआन लाइन पर भी भर्ती फार्म नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों ने डाक भर्ती आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग की है। परिमण्डल के निदेशक मुख्यालय (डाक) सचिन किशोर ने बताया कि देश भर में पांच हजार डाक सहायकों की भर्ती के लिए गत तीन अगस्त 2012 से फार्मों की बिक्री उत्तर प्रदेश सहित सभी सर्किलों में शुरू हुई थी। प्रदेश में सात सौ पदों के लिए दो लाख से अधिक फार्म बिक गए। अब फार्म उपलब्ध न होने से इनका वितरण बन्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय 70 हजार भर्ती फार्म प्रतिदिन डाउनलोड हो रहे हैं।

Abhinay said...

बीएसए के पहुंचते ही स्कूल छोड़ भागे शिक्षक
Updated on: Wed, 12 Sep 2012 10:59 PM (IST)
महराजगंज: घुघली विकास खंड में बगैर मान्यता के चल रहे एक विद्यालय पर जैसे ही बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा पहुंचे वैसे ही शिक्षक व स्कूल के कर्मचारी विद्यालय छोड़ कर भाग चले।
हुआ यूं कि जनपद के विकास खंड घुघली में बगैर मान्यता के चल रहेसत्योदय कांवेंट स्कूल पर बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा जांच के लिए पहुंचे। तो बीएसए को देखते ही वहां के शिक्षक व कर्मचारी घिसक लिए। बीएसए वहां करीब पंद्रह से बीस मिनट तक इंतजार करते रहे लेकिन कार्रवाई के डर से कोई उनकेसमक्ष नही आया। इसी प्रकार विकास खंड के एक और विद्यालय पर शिकंजा कसते हुए बीएसए ने दोनों विद्यालयों को बंद कराया।
बीएसए ने कहा कि बगैर मान्यता के चलने वाले किसी भी विद्यालय को बख्शा नहीं जाएगी। कोई विद्यालय चलता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कम से कम एक लाख रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। बीएसए ने कहा कि परिषदीय विद्यालय अपने निर्धारित समय सातसे बारह तक संचालित हों। शिक्षक समय से विद्यालय में पहुंचे और शिक्षा की गुणवत्ता को बरकरार रखें। किसी प्रकार की लापरवाही प्रकाश में आयी तो शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

Abhinay said...

कैसे होगी परिषदीय विद्यालयों कीपरीक्षा
स्थानांतरण के फेर में फंसी पढ़ाई
• अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण के फेर में बच्चे फंसे हुए हैं। बीएसए और शिक्षकों की लड़ाई में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। जो शिक्षक स्कूल जा भी रहे हैं, उनके बीच भी सिर्फ समायोजन की ही चर्चा है। समायोजन पर रोक लगने से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया भी बाधित हो गई है।
शिक्षकों की समायोजन की लड़ाई जुलाई से ही चल रही है। जिले में 1074 ऐसे विद्यालय जहां शिक्षकों की सबसे ज्यादा जरूरत है। ये सभी विद्यालय एक शिक्षक केभरोसे चल रहे हैं। समायोजन के साथही स्थानांतरण के जरिए इन सभी विद्यालयों में शिक्षकों को जानाहै। इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले एकलौते शिक्षकों के साथ ही बच्चों ने आस लगा रखी है कि वहां शिक्षकों का टोटा कम होगा। लेकिन फिलहाल स्थिति के सुधरने की संभावना नजर नहीं आ रही है। वहीं मंगलवार को बेसिक शिक्षा परिषद निदेशक वासुदेव यादव ने शिक्षक संघ की मांग पर समायोजन पर रोक लगाने और सचिव आईपी शर्मा को जांचके निर्देश देने के बाद शिक्षकों में असमंजस की स्थिति है। जो समायोजन के बाद दूसरे स्कूल में ज्वाइन कर चुके हैं, उन्हें नए स्कूल में बने रहना है या फिर पुराने में वापस जाना हैं, इसको लेकर वह परेशान है। जिलाधिकारी ने भी बीएसए को समायोजन पर बात करने के लिए बुलाया है।

Abhinay said...

यूपी में काम करने आया हूं, भागने नहीं :उस्मानी
लखनऊ (ब्यूरो)। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने सभी चर्चाओं व अफवाहों को खारिज करते हुए दो टूककहा कि वे यूपी में काम करने आए हैं, भागने नहीं। उनका कहना है वह केंद्र सरकार से इसलिए यहां लौटे ताकि काम कर सकें। उन्होंने यहां किसी तरह की दिक्कत या काम के तनाव से इनकार किया। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि,‘मैंने यहां से केंद्र में लौटने के लिए किसी स्तर पर बात नहीं की है।’
जावेद उस्मानी ने बुधवार को अमर उजाला से बातचीत में कहा कि पता नहीं क्यों, उनके बारे में इस तरह की गलत चर्चाएं की जा रही हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि वह जुलाई माह में दस दिन केलिए अपने परिवारसे मिलने न्यूयार्क गए थे। वहां रास्ते में बारिश के दौरान उनका पैर फिसल गया। इससे सिर पर गहरी चोट आयी। दो बार इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस कारण उन्हें एक महीने विदेश में ही रहना पड़ा। उस्मानी कहते हैं कि मेरे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की बात क्यों की जा रही है। इसमें कोई सच्चाई ही नहीं है।
नई सरकार के छह माह के कामकाज के सवाल पर कहते हैं, कि वह मुख्यमंत्री द्वारा तय विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए इस अमल करवा रहे हैं।
•मुख्य सचिव ने कहा- केंद्र में लौटने के लिए किसी स्तर पर बात नहीं की

Abhinay said...

Dosto btc2012 me gunank merit ban rahi hai. Mere pass amarujala ki news hai. Lekin photo ke format me hai. Me blogediter ji ko send kar raha hu. Wo post kar denge

ashish singh said...

abhinay ji btc2012 gudank merit ka news kuch clear kejiaye...

VINOD KUMAR said...

btc 12 ke gunank me hs inter aur BA ki hi hogi.

Abhinay said...

फर्जी विद्यालयों की करें शिकायत
¬ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने जारी की हेल्पलाइन
जागरण संवाददाता, लखनऊ : राजधानी में बिना मान्यता 2000 से अधिक विद्यालय चल रहे हैं जबकि शिक्षा विभाग द्वारा केवल 229 पर ही कार्रवाई की गई है वह भी शिक्षक संघ के दबाव के बाद।
शिक्षक संघ ने अन्य विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए 19 से 21 सितंबर तक जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालय में आमरण अनशन करने की घोषणा की है। शिक्षक संघ की ओर से एक हेल्पलाइनभी जारी की गई है, इस पर अभिभावक या अन्य लोग फर्जी स्कूलों की शिकायत कर सकते हैं।
एक पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ.आरपी मिश्र ने बताया कि फर्जी विद्यालयों की संख्या 2000 से अधिक है। शेष फर्जी विद्यालयों पर कार्रवाई कीजाए और उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राजकीय, सहायताप्राप्त और साफ छवि के वित्तविहीन विद्यालयों में समायोजित किया जाए। फर्जी (अमान्य) विद्यालयों एवं उनके छात्रों का पंजीकरण/बोर्ड परीक्षा फार्म भरवाने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध भी एफआइआर/मान्यता समाप्ति की कार्रवाई की जानी चाहिए। जिला संगठन ने 27 जुलाई, 2012 को जिला विद्यालय निरीक्षक को 351 फर्जी (संदिग्ध) विद्यालयों की सूची सौंपी गई थी।
इस आधार पर अभी सिर्फ 229 विद्यालयों के खिलाफ ही कार्रवाईकी जा सकी है। डॉ.मिश्र ने बताया कि एक अक्टूबर तक कक्षा नौ एवं ग्यारह के छात्रों का पंजीकरण कराने की आखिरी तिथि है।
फर्जी विद्यालयों का संरक्षण प्राप्त शिक्षा माफिया छात्रों का मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पंजीकरण कराने के लिए जोड़ तोड़ में लगे हैं।
ऐसे में मान्यता प्राप्त विद्यालयों को पंजीकरण फार्म देने से पहले विद्यालयों की धारण क्षमता, विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत छात्रों की कुलसंख्या आदि सूचनाएं इकट्ठा की जाएं। कक्षा 9 से 11 में 100 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों की दोबारा स्थलीय जांच कराई जाए, बाद में फार्म दिए जाएं।

Abhinay said...

आयोग से भेजे गये तीन शिक्षक फर्जी निकले
सीतापुर। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पैनल से जिले में भेजे गये तीन शिक्षक फर्जी पाये गये हैं। तीनों की नियुक्ति एक साल पहले हुई थी और उनका आयोग से विभाग ने सत्यापन कराकर वेतन देना शुरू कर दिया था। इनमें से एक इंटर व दो हाईस्कूल स्तर के शिक्षक हैं। अब तीनों शिक्षकों को आयोग ने ही फर्जी घोषित कर दिया है। जिले को तीनों शिक्षकों की सूची मिलते ही उनकी सेवा समाप्ति की नोटिस देकर एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें से एक शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।इसके साथ ही तीनों से रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जेएनडी इंटर कालेज परसदा में अंग्रेजी प्रवक्ता के रूप में 6 अगस्त 2011 को शशिकांत रस्तोगी को माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के पैनल से तैनात किया गया था। वह यहां अंग्रेजी प्रवक्ता के पद पर तैनात हुए थे। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने रजिस्टर्ड डाक से शशिकांत रस्तोगी का सत्यापन आयोग से कराया था। आयोग से सत्यापन रिपोर्ट आने पर उन्हें वेतन मिलने लगा। विद्यालय से उन्होंनेसाढ़े तीन लाख रुपये वेतन लिया। वहीं एचआरडी इंटर कालेज बिसवां में महमूदाबाद के प्रभात कुमार श्रीवास्तव की एक वर्ष पूर्व एलटी ग्रेड में तैनाती हुई थी। इन्हें भी आयोग के पैनल से भेजा गया था और सत्यापन के बाद वेतन मिलना शुरू हुआ था। प्रदीप कुमार पुत्र प्यारे लाल निवासी संसारपुर महमूदाबाद की तैनाती 29सितम्बर 2011 को आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसेहरामाल में गणित विज्ञान शिक्षक के पद परहुई थी। इनको भी आयोग के पैनल से भेजा गया था। विभाग द्वारा सत्यापन के बाद वेतन मिलना शुरू हुआ था। दोनों एलटी ग्रेड के शिक्षकों ने लगभग छह लाख रुपये वेतन विभाग से लिया है। कुछ माह पूर्व माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को फर्जी शिक्षकों की तैनाती किए जाने की शिकायतें मिली थी। आयोग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हर जिले में 10 वर्षों से तैनात शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया था। आयोग को जिले के शिक्षकों का रिकॉर्ड जब पहुंचा तो शशिकांत रस्तोगी, प्रभात कुमार श्रीवास्तव व प्रदीप कुमार का रिकॉर्ड आयोग के पास नहीं मिला। जांच पड़ताल करने के बाद आयोग ने तीनों शिक्षकों कोफर्जी घोषित कर दिया। इसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेज दी गई। मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। तीनों शिक्षकों को प्रबंध तंत्र ने निकाल दिया और नोटिस जारी कर दी है। वहीं प्रशासन के आदेश पर तीनों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गये।रिकवरी की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदीप कुमार के खिलाफ हरगांव थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। अन्य फर्जी शिक्षकों केखिलाफ सम्बन्धित थानों में रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर प्रबंधकों द्वारा भेज दी गई है

Jay patel said...

Abhinay ji please btc 2012 ke gunank sistem ki jankari clear kare please ye batayen ki gunank sistem kya hoga.

Abhinay said...

Mene blogediter ko news send kar di hai. Kuch der me aa jayegi.

D.K said...

abhinay ji,namaskar. Plz mujhe ye batane ka kast kare ki btc4 walo ko job kab tak mil jayegi.kya unko b form dalne honge ya unki direct posting ho jayegi.plz abinay ji rply jarur karna.